Chandrayaan-3: अगर 23 अगस्त की शाम नहीं हुई सफल लैंडिंग तो क्या करेगा ISRO?, जान लें प्लॉन B-Video

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलEdited by: रवि वैश्य
  • Updated Aug 23, 2023, 04:39 PM IST

ISRO का चंद्र मिशन Chandrayan-3 इतिहास रचने के करीब है। चंद्रयान-3 का लैंडर आज 23 अगस्त (बुधवार) की शाम 6.04 मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी हिस्से पर उतरेगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (IRO) ने कहा कि वह अपने महत्वाकांक्षी तीसरे चंद्रमा मिशन चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल (एलएम) को बुधवार शाम चंद्रमा की सतह पर उतारने के वास्ते 'ऑटोमैटिक लैंडिंग सीक्वेंस' (एएलएस) शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। लैंडर 'विक्रम' और रोवर 'प्रज्ञान' से लैस एलएम बुधवार शाम 6.04 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। यह एक ऐसी उपलब्धि है, जो अब तक किसी भी देश को हासिल नहीं हुई है।

चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 मिशन के लैंडर मॉड्यूल के बुधवार को अपेक्षित ‘टचडाउन’ (उतरने की प्रक्रिया) से पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर ने योजना के अनुरूप सब कुछ सफल होने की कामना करते हुए कहा कि ‘टचडाउन’ बहुत ही जटिल प्रक्रिया है और सभी को सतर्क रहना होगा, क्योंकि इसकी सफलता के लिए जरूरी है कि सभी प्रणाली एकसाथ काम करें। उन्होंने कहा, 'हम आखिरी दो किलोमीटर (चंद्रमा की सतह से ऊपर) में ऐसा (चंद्रयान -2 मिशन में चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग) करने से चूक गए तो ऐसी बहुत सी चीजें हैं, जिन्हें एक साथ काम करना होगा...थ्रस्टर, सेंसर, अल्टीमीटर, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और बाकी सभी चीजें। कहीं भी कोई गड़बड़ी होने पर...हम मुसीबत में पड़ सकते हैं, हमें वास्तव में सतर्क रहना होगा और निगरानी रखनी होगी। बेशक, मैं समझता हूं कि इसरो ने पर्याप्त सिमुलेशन (अनुकूलन तैयारी) किया है और अतिरेक को लेकर भी काम किया है ताकि ऐसी विफलता की संभावना कम हो। फिर भी, हमें अपनी तरफ से दुआ करनी होगी।'

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