Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा खुदकुशी मामले में चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। ट्विशा के परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत के एक दिन बाद उसकी सास गिरिबाला सिंह ने न्यायपालिका से जुड़ी कुछ शख्सियतों सहित कई अन्य लोगों से फोन पर बात की थी। गिरिबाला जो कि अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के पद से रिटायर हुई हैं, उन पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगा है। ट्विशा की मौत के बाद उसकी सास ने कथित रूप से दो एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज, कई डॉक्टर, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी, DG होमगार्ड, लोकायुक्त, कंज्यूमर फोरम की सदस्य, संबंधित थाने के एसएचओ, कई वरिष्ठ अफसरों, सीसीटीवी लगाने वाले दो लोगों और ट्विशा के मायके में कॉल किया।
12 मई को भोपाल स्थित अपने घर में मृत पाई गईं ट्विशा शर्मा।
परिवार का आरोप-जांच प्रभावित करने के लिए हुई कॉल
ट्विशा का परिवार गिरिबाला सिंह की सीडीआर की जांच की मांग कर रहा है। परिवार को कहना है कि सीडीआर की जांच से यह पता चल सकेगा कि उनकी बेटी ने सुसाइड क्यों की। मृतका के पिता ने CDR से जुड़ी 46 मोबाइल नंबरों की सूची को साझा कर दावा किया कि ये कॉल इस मामले को प्रभावित करने के लिए की गई। ट्विशा के पिता का कहना है कि CDR द्वारा जारी सूची में एक नंबर एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज (ADJ) का बताया जा रहा है। इस नंबर पर 13 मई को कई बार कॉल किए गए। पिता का आरोप है सीसीटीवी फुटेज से भी छेड़छाड़ की गई है।
12 मई की रात अपने ससुराल में मृत मिलीं ट्विशा
गौर हो कि केस से जुड़े लोगों की बयान और सीसीटीवी फुटेज की टाइमिंग, एक दूसरे से मैच नहीं खा रही है। अब मृतका के पिता के दावे ने इस आशंका को और बढ़ा दिया है। पूर्व मॉडल और नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गईं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि बुधवार को जारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी आत्महत्या की पुष्टि हुई है। हालांकि, ट्विशा के परिवार ने आत्महत्या के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। परिवार का आरोप है कि ट्विशा दहेज प्रताड़ना का शिकार थीं। उन्होंने दावा किया कि मौत वाली रात ट्विशा ने उन्हें कई परेशान करने वाले फोन कॉल किए थे, लेकिन पति के कमरे में आते ही कॉल अचानक कट गए।
फोन कॉल्स की फोरेंसिक जांच की मांग
परिजनों का यह भी कहना है कि ट्विशा के शरीर पर चोट और नीले निशान थे, जो शारीरिक हिंसा या हत्या की आशंका पैदा करते हैं। जांच के बीच परिवार ने गिरिबाला सिंह द्वारा किए गए सभी फोन कॉल्स की फोरेंसिक जांच की मांग की है। इसके तहत टावर लोकेशन, आईपी लॉग्स और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखने और उनकी जांच कराने की अपील की गई है। इसके अलावा, परिवार ने ईमेल, एसएमएस रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप चैट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने, सील करने और उनकी फोरेंसिक मिरर इमेजिंग कराने की भी मांग की है।
समर्थ सिंह, सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ केस दर्ज
इस मामले में पुलिस ने ट्विशा के पति, अधिवक्ता समर्थ सिंह, और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु और प्रताड़ना का मामला दर्ज किया है।
मध्यप्रदेश पुलिस ने दहेज के लिए कथित तौर पर उत्पीड़न के कारण ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में उसकी सास एवं पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को बयान दर्ज कराने के लिए तीसरा और अंतिम नोटिस जारी किया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्हें इस मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस पोस्ट और व्हाट्सऐप के जरिए दिया गया था। सूत्रों ने कहा कि पिछले दो मौकों पर जब नोटिस दिए गए थे, तो वह अपने आवास पर नहीं मिली।
फरार है ट्विशा का पति समर्थ सिंह
इसी से जुड़े एक घटनाक्रम में, पुलिस की टीम पूरे मध्यप्रदेश और राज्य के बाहर ट्विशा के पति समर्थ सिंह का पता लगाने के लिए रवाना हो गई हैं, जो अब भी फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 30,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। समर्थ सिंह के ठिकाने के बारे में सुराग मिलने से संबंधित एक सवाल पर कटारा पुलिस थाने के प्रभारी (एसएचओ) सुनील दुबे ने कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया। पुलिस ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 (2), 85 और 3 (5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
