Kuki vs Meitei: मणिपुर हिंसा के बीच समझें क्या है मेती- कूकी विवाद

  • Authored by: ललित राय
  • Updated May 5, 2023, 09:23 PM IST

kuki vs meitei: मणिपुर में मेती और कूकी के बीच विवाद नया नहीं है। लेकिन मणिपुर हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद जमीनी स्तर गरम होने लगा था। इन सबके बीच हम आपको बताएंगे कि मेती-कूकी विवाद क्या है।

KEY HIGHLIGHTS
  • मणिपुर की आबादी में मेती बहुसंख्यक
  • कूकी ट्राइब्स का पहाड़ों में रिहाइश
  • एसटी का दर्जा चाहता है मेती समाज

kuki vs meitei: 3 मई को हजारों की संख्या में मणिपुर के 10 जिलों में प्रदर्शनकारी इकट्ठा होकर मेती समाज को एसटी का दर्जा दिए जाने का विरोध कर रहे थे। लेकिन माहौल(manipur violence reason in hindi) खराब हुआ और मणिपुर जल उठा। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए देखते ही गोली मारने के आदेश हैं, बॉक्सर मैरीकॉम ने पीएम और गृहमंत्री दोनों से अपील करते हुए लिखा कि उनका राज्य जल रहा है, मदद कीजिए। हालात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि गृहमंत्री ने कर्नाटक का चुनावी दौरा रद्द कर दिया है। लेकिन सवाल यह है कि इस विवाद में मेती और कूकी समाज का जिक्र क्यों हो रहा है।

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जानें क्या है मणिपुर का मेती-कूकी विवाद

मेती-कूकी विवाद ऐतिहासिक

मणिपुर में मेती(who are Meiteis in Manipur) बहुसंख्यक हैं और इनका विस्तार मुख्य रूप से राज्य के इंफाल घाटी क्षेत्र में स्थित हैं जो कुल भूमि क्षेत्र का लगभग 10% है। दूसरी ओर, आदिवासी (जिनमें मुख्य रूप से नागा और कुकी शामिल हैं) उनकी आबादी लगभग 40% है। ये लोग मुख्य रूप से पहाड़ी जिलों में निवास करते हैं जो मणिपुर के लगभग 90% क्षेत्र में फैला हुआ है। बहुसंख्यक समुदाय होने के अलावा, मेती (Meitei people) को राज्य विधानसभा में अधिक प्रतिनिधित्व भी मिलता है क्योंकि मणिपुर की कुल 60 विधानसभा सीटों में से 40 इंफाल घाटी (Kuki and Meitei)क्षेत्र से हैं।

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