प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बंजर भूमि पर वृक्षारोपण के जरिए ‘ग्रीन क्रेडिट’ हासिल करने को लेकर केंद्रित एक पहल की शुरुआत की है। शुक्रवार (एक दिसंबर, 2023) को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई में जलवायु वार्ता या सीओपी28 में उच्च स्तरीय कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ग्रीन क्रेडिट पहल कार्बन क्रेडिट की व्यावसायिक प्रकृति से बेहतर है।
दुबई में कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
मोदी के मुताबिक, “व्यावसायिक सोच से प्रेरित कार्बन क्रेडिट का दायरा सीमित है और इसमें संबंधित जिम्मेदारी का अभाव है। हमें व्यक्तिगत लाभ को प्राथमिकता देने वाली विनाशकारी मानसिकता से दूर हटने की जरूरत है।” उन्होंने कहा, ग्रीन क्रेडिट पहल इस आधार पर संचालित होती है कि पर्यावरण संरक्षण व्यक्तिगत विकास के साथ जुड़ा हुआ है।
इस पहल में निम्नीकृत बंजर भूमि की एक सूची बनाना शामिल है, जिसका उपयोग व्यक्तियों और संगठनों द्वारा पौधरोपण के लिए किया जा सकता है। पर्यावरणीय रूप से सकारात्मक कार्य करने वाले प्रतिभागियों को व्यापार योग्य हरित क्रेडिट प्राप्त होंगे। पंजीकरण से लेकर वृक्षारोपण, सत्यापन और ग्रीन क्रेडिट जारी करने तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विचारों, ज्ञान और अनुभवों को एकत्र करने के लिए एक वैश्विक पोर्टल शुरू करने की भी घोषणा की। इस मंच का उद्देश्य वैश्विक नीतियों, प्रथाओं और ग्रीन क्रेडिट की मांग को प्रभावित करना है।
ग्रीन क्रेडिट पहल अक्टूबर में घरेलू स्तर पर लॉन्च किए गए ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम को प्रतिबिंबित करती है। यह व्यक्तियों, समुदायों और निजी क्षेत्र द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में स्वैच्छिक पर्यावरणीय कार्यों को पुरस्कृत करने वाला एक अग्रणी बाजार-आधारित तंत्र है।
