एक शख्स जो पहले पंजाब जैसे सूबे का मुख्यमंत्री रहा हो, वर्तमान में जलांधर लोकसभा से सांसद हो, कांग्रेस का बड़ा चेहरा हो, जीतने पर सीएम बनने की रेस में हो, वो अगर किसी एग्जाम सेंटर पर आम छात्र की तरह परीक्षा देते दिखे तो हैरानी होना जरूरी है। शख्स का नाम है- चरणजीत सिंह चन्नी, (Charanjit Singh Channi) जो वर्तमान में सांसद हैं और पंजाब के सीएम रह चुके हैं। चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को जब पंजाब यूनिवर्सिटी में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की परीक्षा देने पहुंचे तो हर कोई हैरान रह गया।
परीक्षा देते हुए चरणजीत सिंह चन्नी
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चन्नी लगातार करते रहे हैं पढ़ाई
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी इस समय पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से लोक प्रशासन (पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन) में एम.ए. कर रहे हैं, जिसकी एक परीक्षा गुरुवार को थी। खुद को "आजीवन छात्र" मानने वाले चन्नी पेशे से वकील हैं। इसके अलावा वे एमबीए (MBA), राजनीति विज्ञान में एम.ए. और राजनीति विज्ञान में पीएचडी (PhD) भी कर चुके हैं। 2017 में उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी में PhD के लिए पंजीकरण कराया था और उनका शोध भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आंतरिक संगठनात्मक संरचना तथा UPA और मोदी दौर में उसके प्रदर्शन पर केंद्रित था। 2023 में चन्नी अपनी पीएचडी की डिग्री पूरी कर चुके हैं।
चरण जीत सिंह चन्नी की राजनीति यात्रा
चरणजीत सिंह चन्नी ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत स्थानीय राजनीति से की। 1992 में वह पार्षद चुने गए और बाद में खरड़ नगर परिषद के अध्यक्ष बने। 2007 में उन्होंने पहली बार चमकौर साहिब विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीता। इसके बाद 2012 में कांग्रेस के टिकट पर इसी सीट से विधायक बने और 2015 में पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाली।
2017 के विधानसभा चुनाव में चन्नी लगातार तीसरी बार चमकौर साहिब से विधायक चुने गए और कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में मंत्री बने। सितंबर 2021 में कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस ने चन्नी को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया। वह पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री बने और करीब 111 दिनों तक इस पद पर रहे।
2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने चन्नी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया। उन्होंने चमकौर साहिब के अलावा भदौर सीट से भी चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों सीटों पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा और पंजाब में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई। इसके बाद चन्नी राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हुए। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने जालंधर सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की और 18वीं लोकसभा के सांसद बने।
