चुनाव आयुक्त की नियुक्ति को लेकर क्यों छिड़ा है सियासी संग्राम? जानें विधेयक में ऐसा क्या है

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 12, 2023, 03:47 PM IST

CM Mamata Banerjee Attacks Centre: मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (सेवा की नियुक्ति शर्तें और कार्यकाल) विधेयक, 2023 को लेकर सियासी उठापटक का दौर शुरू हो चुका है। मोदी सरकार पर विपक्ष इस बिल को लेकर लगातार लपेटे में ले रहा है। इसी कड़ी में ममता बनर्जी ने भी केंद्र पर हमला बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट से अपील की है।

Political Battle On EC Appointments Bill: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की। उन्होंने राज्यसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त विधेयक पेश करने पर मोदी सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी अराजकता के आगे झुकती है। उन्होंने ट्वीट के जरिए केंद्र पर सवाल उठाया और लिखा कि 'न्यायपालिका के सामने झुकने के आह्वान के बीच, भाजपा अराजकता के आगे झुक रही है! मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के चयन के लिए 3 सदस्यीय समिति में मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) की भूमिका महत्वपूर्ण है। हम ईसी चयन में सीजेआई की जगह एक कैबिनेट मंत्री को रखने का कड़ा विरोध करते हैं। इससे वोट में हेरफेर और नुकसान हो सकता है।'

Mamata Banerjee, EC Appointments Bill

ममता बनर्जी ने भी केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला।

ममता बनर्जी बोलीं- 'माई लॉर्ड, हमारे देश को बचाएं'

ममता बनर्जी ने कहा कि 'भारत को न्यायपालिका के प्रति इस घोर उपेक्षा पर सवाल उठाना चाहिए। क्या उनका लक्ष्य न्यायपालिका को मंत्री द्वारा संचालित कंगारू अदालत में बदलना है? हम भारत के लिए न्यायपालिका से प्रार्थना करते हैं। माई लॉर्ड, हमारे देश को बचाएं।' गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा की शर्तों और कार्यकाल को विनियमित करने के लिए एक विधेयक गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया गया था, विपक्षी दलों ने इसे पेश करने का कड़ा विरोध किया था।

End of Feed