Nitish Kumar : 'INDI' गठबंधन में बिखराव होने की जो बात कही जा रही थी, वह सच साबित होती दिख रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ विपक्षी एकजुटता की मुहिम चलाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही इस गठबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नीतीश कुमार ने कहा है कि 'INDI गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं है। कांग्रेस पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में व्यस्त है। इस गठबंधन में कुछ काम-काज नहीं हो रहा है।' उन्होंने कांग्रेस पर गठबंधन को आगे बढ़ाने के लिए ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया है।
देश का इतिहास बदलना चाह रही है भाजपा-नीतीश
बिहार के सीएम ने मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार का देश से कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा देश का इतिहास बदलना चाह रही है। कांग्रेस पर तंज कसते हुए नीतीश ने कहा कि वह सभी दलों को एकजुट रखते हैं और उन्हें साथ लेकर चलते हैं। हम समाजवादी लोग हैं। भाकपा से उनका पुराना रिश्ता है। समाजवादी और साम्यवादी दोनों साथ चलेंगे।
सुस्त पड़ा 'INDI' गठबंधन
2024 के लोकसभा चुनाव के लिए नीतीश ने विपक्ष को एकजुट करने की मुहिम शुरू की। वह राज्यों में गए और विपक्षी नेताओं से मिले। उन्हें भाजपा के खिलाफ एक मंच पर आने के लिए तैयार किया। नीतीश की यह मुहिम सफल भी हुई और पटना में विपक्ष के नेताओं की पहली बैठक हुई। इसमें कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल के नेता शामिल हुए। इसके बाद विपक्ष की बैठक बेंगलुरु और फिर मुंबई में हुई। मुंबई की बैठक में विपक्षी गठबंधन का नया नाम 'INDIA' तय हुआ और गठबंधन का संयोजक बनाने पर सहमति बनी। लेकिन इसके बाद गठबंधन सुस्त पड़ गया है।
सीट बंटवारे पर फंसेगा पेंच?
'INDI' गठबंधन में सबसे बड़ा पेंच सीट बंटवारे को लेकर फंसा हुआ है। मध्य प्रदेश में सीट बंटवारे को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच जो खींचतान हुई है, उससे साफ जाहिर हुआ है कि लोकसभा चुनाव में इसी तरह की समस्या आने वाली है। सपा, टीएमसी जैसे मजबूत क्षेत्रीय दल अपने यहां कांग्रेस को ज्यादा सीटें देने के लिए तैयार नहीं होंगे। जबकि कांग्रेस ज्यादा सीटों पर दावा करेगी।
पाला बदल भी सकते हैं नीतीश
पंजाब और दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP), महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव गुट) एवं राकांपा (शरद पवार) के साथ तालमेल बिठाना कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है। कुछ राजनीतिक विश्लेषक यह भी मानते हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार अगर अपना पाला बदल लेते हैं तो इसमें किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए।
