पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मंगलवार (15 नवंबर, 2022) को दीदी ने कहा कि अगर केंद्र ने राज्य का बकाया नहीं चुकाया तो उसे (पश्चिम बंगाल) वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) का भुगतान रोकना पड़ सकता है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी।
आदिवासी बहुल झारग्राम जिले में जन सभा के दौरान सीएम ने बताया कि केंद्र को या तो राज्यों का बकाया चुकाना चाहिए या सत्ता छोड़ देनी चाहिए। दीदी ने आगे केंद्र पर मनरेगा की राशि जारी न करने का आरोप लगाया। साथ ही आदिवासियों से इसका विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरने की अपील भी की। वह बोलीं, ‘‘अपने वित्तीय बकाया के पेमेंट के लिए क्या हमें केंद्र के सामने भीख मांगनी पड़ेगी? वे मनरेगा का कोष जारी नहीं कर रहे हैं। अगर भाजपा सरकार हमारे बकाया का भुगतान नहीं करती तो उसे सत्ता छोड़नी होगी।’’
दीदी ने इससे पहले 14 नवंबर को दावा किया था कि उनके सूबे के खिलाफ साजिश रची जा रही है, जिसके तहत सत्तारूढ़ टीएमसी को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने राज्य के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की खातिर धनराशि रोक देने की केंद्र से अपील करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं की ‘उनकी बंगाल विरोधी हरकत’ को लेकर आलोचना भी की। भ्रष्टाचार के मामले में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी के बीच तृणमूल सुप्रीमो ने कहा कि जिन्होंने गलतियां की हैं, उन्हें गलतियां सुधारने का मौका दिया जाना चाहिए।
उन्होंने बाल दिवस पर राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘अगर आप काम करते हैं तो आपसे गलती होने की भी आशंका रहती है। क्या सड़क पर चलते हुए हमें चोट नहीं लग जाती है? हमें अपनी गलतियां सुधारने की जरूरत है। यदि किसी व्यक्ति ने गलती की है तो उसे सुधारा भी जाना चाहिए। कानून को अपना काम करना चाहिए। लेकिन कुछ लोग बंगाल को पसंद नहीं करते हैं और वे लगातार बदनाम करने में लगे रहते हैं।’’
