हाल-ए-लाचारीः न थे एंबुलेंस के लिए पैसे, मासूम की लाश बैग में डाल 200 Km तक करना पड़ा पिता को बस से सफर

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated May 15, 2023, 10:46 AM IST

दरअसल, शख्स ने बताया कि 102 योजना के तहत एक एंबुलेंस वाले ने उनसे कहा था कि यह सुविधा मरीजों के लिए है न कि शव को ले जाने के लिए। इस बीच, इस मसले पर विधानसभा में विपक्ष के नेता (भारतीय जनता पार्टी) सुवेंदु अधिकारी ने जहां तृणमूल कांग्रेस सरकार की ‘स्वास्थ्य साथी’ बीमा योजना पर सवाल उठाया।

लोग कहते हैं कि जिंदगी में रुपया-पैसा सब कुछ नहीं होता है। हंसी-खुशी के आगे ये सब बेकार है, मगर कभी-कबार यही रकम इंसान को बेबस बना देती है। ऐसा ही लाचारी का एक ताजा मामला सामने आया है, जिसमें पिता के पास एंबुलेंस वाले को देने के लिए पैसे (किराया) नहीं थे। यही वजह रही कि उन्हें अपने मासूम बच्चे की लाश को एक बैग में डालकर लगभग 200 किलोमीटर तक का बस से सफर करना पड़ा।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल का है, जो कि आशीम देब शर्मा से जुड़ा है। सिलीगुड़ी से कालियागंज में उनके घर तक बच्चे के शव को ले जाने के लिए एंबुलेंस चालक ने 8000 रुपए मांगे थे। चूंकि, उनके पास इतनी रकम नहीं थी, इसलिए उन्होंने पांच महीने के बच्चे का शव बैग में ही डाल लिया और फिर सफर किया।

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