कांग्रेस के सीनियर नेता पी.चिदंबरम ने कहा है कि धर्मनिरपेक्षता शब्द की गलत व्याख्या की जा रही है और इसे अब तुष्टीकरण कहा जा रहा है। यह दावा उन्होंने शनिवार (25 नवंबर, 2023) को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री वहां सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय में 'लोकतंत्र का भविष्य' विषय पर व्याख्यान में थे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। (फाइल)
कार्यक्रम में वह बोले, ''तुष्टीकरण शब्द (धर्मनिरपेक्षता की अवधारणा) को बदनाम करने का एक प्रयास है।'' चेहरे पर झीनी सी मुस्कान के साथ उन्होंने आगे बताया, “अगर आप हिंदू नहीं हैं, तो आप आधे नागरिक हैं। अगर आप मुसलमान हैं, तो आप नागरिक नहीं हैं।”
चिदंबरम ने कहा कि चुनाव में धर्म का जिक्र नहीं होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने आगे बताया, “लेकिन आज चुनाव में यह (धर्म का इस्तेमाल) काफी हद तक हो रहा है।” कांग्रेसी नेता का मानना है कि धर्म आस्था पर आधारित होना चाहिए।
चिदंबरम के मुताबिक, एक सियासी दल लगातार हिंदुओं के अलावा किसी और को उम्मीदवार बनाने से इन्कार करता आ रहा है। उसकी मूल संरचना “अखंड भारत, हिंदू राष्ट्र” लगती है। अब धर्म ही निर्णायक कारक नजर आता है। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
