पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गोहत्या, घुसपैठ और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राज्य में गोहत्या होने पर उनसे बुरा कोई नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश से आए घुसपैठियों को वापस भेजने और CAA के तहत हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता दिलाने का संकल्प भी जताया।
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने सीएए के तहत हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता दिलाने का किया वादा। PTI
मुख्यमंत्री ने गायों को हिंदू धर्म में पवित्र बताते हुए कहा कि किसी को भी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा मजबूत करने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
गोहत्या पर सख्त चेतावनी, घुसपैठियों को वापस भेजने का दावा
रायगंज की जनसभा में शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “कोई भी गौ माता पर हाथ न उठाए। कोई भी गौ माता को नुकसान न पहुंचाए। मैं यह स्पष्ट कर रहा हूं। अगर ऐसा होता है, तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।”
उन्होंने कथित अलगाववादी गतिविधियों पर भी निशाना साधा। अधिकारी ने कहा कि ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे नारे लगाने वालों को सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ और ‘कॉकरोच’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए ऐसे समूहों को अपना दायरा बढ़ाने का मौका नहीं देने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश से लगे सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ रोकने का संकल्प भी दोहराया। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश भेजा जाएगा। उनके मुताबिक, निर्वासन से पहले ऐसे लोगों को ‘होल्डिंग स्टेशन’ में रखा जाएगा। हालांकि, उन्होंने अपने संबोधन में इस प्रक्रिया के विस्तृत कानूनी प्रावधानों की जानकारी नहीं दी।
CAA के तहत हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता दिलाने का वादा
शुभेंदु अधिकारी ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता दिलाने की प्रतिबद्धता भी जताई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएगी कि समुदाय का कोई भी शरणार्थी जेल न जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि यहां एक भी हिंदू शरणार्थी जेल न जाए। उन्हें रिहा कराने और CAA के तहत नागरिकता देने के लिए तुरंत कानूनी कदम उठाए जाएंगे।”
उन्होंने उन लोगों से जल्द नागरिकता के लिए आवेदन करने की अपील की, जिन्होंने अब तक आवेदन नहीं किया है। इसके अलावा, अधिकारी ने सीमावर्ती इलाकों में किसी भी अवैध मदरसे को अनुमति नहीं देने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से जरूरी है।
