वाशिंगटन में कांग्रेस नेता शशि थरूर।
Shashi Tharoor in US : अमेरिका में सर्वदलीय शिष्टमंडल की अगुवाई कर रहे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि 'हमारे सिर पर पाकिस्तान बंदूक तानकर रखेगा तो उसके साथ कोई बातचीत नहीं होगी।' उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान अपनी मिट्टी में आतंकवादी गतिविधियों को यदि नियंत्रित नहीं करता तो भारत ने जो कार्रवाई की है वह आगे भी हो सकती है। नेशनल प्रेस क्लब में बुधवार को बातचीत के दौरान ने थरूर ने कहा कि 'मुझे लगता है कि अमेरिका, भारत के रुख से भलीभांति परिचित हो गया है कि हमारे सिर पर बंदूक रखकर कोई बातचीत नहीं हो सकती।'
कांग्रेस सांसद ने कहा, 'यह पाकिस्तान के बारे में नहीं है। साफ तौर पर कहें तो, हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पाकिस्तान खुद के साथ क्या कर रहा है। हमें फर्क पड़ता है कि वह हमारे साथ और हमारे नागरिकों के साथ क्या कर रहा है। यही असली मुद्दा है। आतंकवाद बंद करो, फिर आप जो चाहो वो बनो। हमें परेशान मत करो, हमें शांति से रहने दो। हम पाकिस्तान पर किसी तरह के प्रतिबंध लगाने की मांग नहीं कर रहे हैं।'
उन्होंने कहा कि हम बस इतना कह रहे हैं कि अगर आप पाकिस्तानियों से बात करना चाहते हैं, तो उनसे पूछिए—आप इन आतंकवादियों को शरण क्यों देते हैं? आप उन्हें काम करने की इजाजत क्यों देते हैं? आप अपने पड़ोसी के खिलाफ इस तरह की गतिविधियों की अनुमति क्यों दे रहे हैं?... ये सब आकाश से नहीं टपका है, यह एक विशेष जगह से आया है — और वह है पाकिस्तान।'
तिरूवनंतपुर के सांसद ने कहा, 'भारत सिर्फ अनुमान या अटकलबाजियों पर युद्ध नहीं करता। हमारी खुफिया एजेंसियों ने पहलगाम हमले के कम से कम पांच में से चार हमलावरों की पहचान कर ली है। उनके पास उनके चित्र भी हैं, क्योंकि इन लोगों की संलिप्तता पहले की घटनाओं में भी रही है। हमारी एजेंसियों ने पुष्टि की है कि दो पाकिस्तानी हैं और दो अन्य स्थानीय लोग हैं जो 10 साल पहले भारतीय कश्मीर से पाकिस्तान चले गए थे, और ऐसा लगता है कि वे इस हमले के लिए वापस आए और फिर लौट गए। हमारे पास यह सारा सबूत है और हम वैसे भी इतनी बड़ी कार्रवाई — जैसे कि ऑपरेशन सिंदूर — बिना ठोस कारणों के नहीं करते।'
थरूर ने कहा, '1989 से लगातार हमलों का एक पैटर्न चला आ रहा है, जिनमें से हर एक हमले से पाकिस्तान ने इनकार किया है, लेकिन बाद में हर बार इनका स्रोत पाकिस्तान ही निकला है। सबसे प्रसिद्ध या कुख्यात उदाहरण है मुंबई 26/11 का हमला। पाकिस्तान ने उस वक्त भी इनकार किया था, लेकिन फिर एक आतंकी जीवित पकड़ा गया और उसके पाकिस्तान के पते, उसका रहन-सहन, किसने उसे ट्रेनिंग दी — सब कुछ सामने आ गया... अब पाकिस्तान के लिए यह नकारना संभव नहीं रहा। जब पहलगाम हमला हुआ, तो एक घंटे के भीतर 'रेज़िस्टेंस फ्रंट' ने जिम्मेदारी ली। 24 घंटे बाद उन्होंने अपनी वेबसाइट पर उस दावे को दोहराया।'
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।