नई दिल्ली: अहमदाबाद में एयर इंडिया (AI-171) प्लैन क्रैश को लेकर अब एक नई थ्योरी सामने आई है। सूत्रों के हवाले से यह कहा जा रहा है कि 12 जून को एयर इंडिया विमान का जब रनवे से टेक ऑफ हुआ तब एक मिनट के अंदर ही जमीन पर गिर कर हादसे का शिकार हो गया और उसका कारण पावर फेलियर यानी अचानक बिजली मे रुकावट का होना था जिसमें कुल 270 लोगों की मौत हो गई थी।
12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया का प्लेन क्रैश हो गया था।
टाइम्स नाउ को सूत्रों ने बताया कि एयर इंडिया का विमान AI-171 संभवतः अचानक पावर फेलियोर की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हुआ। 12 जून को उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद ही 242 यात्रियों को लेकर जा रहा यह विमान अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास एक मेडिकल कॉलेज में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दुर्घटना में कुल 270 लोगों की मौत हो गई, जिसमें विमान के 241 यात्री शामिल थे।
पावर फेलियोर की वजह से हादसा?
सूत्रों ने टाइम्स नाउ को बताया कि विमान में बिजली की खराबी के संकेत मिले हैं और मुमकिन है कि ऐसा पावर फेलियोर की वजह से हुआ होगा। एटीसी ने यह भी कहा कि संपर्क अचानक टूट गया था, और मलबे से बिजली प्रणाली में संभावित समस्याओं की ओर भी संकेत मिलता है। यहां तक कि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने विमान में टिमटिमाती रोशनी और विमान के ऊंचाई खोने से ठीक पहले असामान्य आवाजें आने की बात कही। उस आधार पर भी यह कहा जा रहा है कि विमान दुर्घटना का कारण पावर फेलियोर रहा होगा।
हादसे की जांच जारी
इस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की गई हैं। 'ब्लैक बॉक्स' मिल गया है और इसे विश्लेषण के लिए अमेरिका भेजा जाएगा ताकि पता चल सके कि दुर्घटना से पहले वास्तव में क्या हुआ था। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) दुर्घटना की जांच कर रहा है और गृह सचिव की अध्यक्षता में एक पैनल समानांतर जांच कर रहा है। विमान ने दोपहर 1:39 बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरी, लेकिन कुछ ही सेकंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
सिर्फ एक यात्री की बची थी जान
12 जून को अहमदाबाद से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए जा रहा एयर इंडिया का विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद बी.जे. मेडिकल कॉलेज छात्रावास में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और आग का गोला बन गया था, जिससे विमान में सवार लगभग सभी लोग मारे गए थे और जमीन पर भी कई लोग मारे गए थे। इस हादसे में प्लेन में बैठे केवल एक ही यात्री की जान बच सकी थी।
