केंद्र सरकार ने हज यात्रा 2023 (Hajj Yatra 2023) को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है, हज यात्रा के लिए वीआईपी कोटे की आरक्षित सीटों को खत्म कर दिया गया है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, अल्पसंख्यक मंत्री के साथ-साथ हज कमेटी को आवंटित लगभग ,सभी वीआईपी कोटे को खत्म कर दिए गए हैं।
हज यात्रा 2023 को लेकर एक बड़ा फैसला
बताते हैं कि साल 2012 में 5000 VIP कोटे को लागू किया गया था,अब वीआईपी कोटे की सीटों को आम जनता में सीधे आवंटित किया जाएगा. केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री स्मृति ईरानी ने इस बात की पुष्टि की है।
गौर हो कि इस साल भारत से 1.75 लाख लोगों के यात्रा करने की संभावना है यूपी से 30 हजार यात्री हज के सफर के लिए सऊदी अरब का रुख कर सकेंगे।
मक्का में लाखों लोग जुटते थे
कोरोना वायरस महामारी को लेकर चिंताओं के कारण लगाई गई पाबंदियों को कम किए जाने के बाद सऊदी अरब में वार्षिक हज यात्रा के इस साल महामारी पूर्व के स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है। इस्लाम में हज सभी सक्षम मुसलमानों के लिए उनके जीवन में एक बार आवश्यक है। यह दुनिया के लोगों के सबसे बड़े जमावड़े में से एक का प्रतिनिधित्व करता है। महामारी से पहले, हजयात्रा के लिये हर साल इस्लाम में पवित्र माने गए शहर मक्का में लाखों लोग जुटते थे।
2019 में 24 लाख लोगों ने वार्षिक यात्रा में हिस्सा लिया था
2020 में महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन के चलते सऊदी अरब ने हजयात्रियों की संख्या को सिर्फ 1000 तक सीमित कर दिया। यह कदम अभूतपूर्व था क्योंकि 1918 की फ्लू महामारी के दौरान भी ऐसा नहीं किया गया था जब दुनिया भर में करोड़ों लोगों की जान बीमारी से चली गई थी।
वर्ष 2021 में सऊदी अरब के करीब 60 हजार निवासियों को हज यात्रा की इजाजत दी गई। पिछले साल करीब 10 लाख लोगों ने वार्षिक धार्मिक यात्रा की।
अगले कुछ दिनों के भीतर इस फैसले से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी
हज कमेटी के सूत्रों ने बताया कि मंत्री की इस घोषणा के बाद अगले कुछ दिनों के भीतर इस फैसले से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।उल्लेखनीय है कि ‘वीआईपी कोटे’ के तहत राष्ट्रपति के पास 100 हजयात्रियों का कोटा होता था तो प्रधानमंत्री के पास 75, उप राष्ट्रपति के पास 75 और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री के पास 50 का कोटा होता था। इसके अतिरिक्त हज कमेटी के सदस्यों/पदाधिकारियों के पास 200 हजयात्रियों का कोटा होता था।
हज के लिए भारत का कोटा करीब दो लाख हजयात्रियों का है
हज कमेटी के सूत्रों ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने गत 14 नवंबर को एक पत्र लिखकर हज में ‘वीआईपी कोटा’ खत्म करने से जुड़े फैसले की जानकारी दी थी और कहा था कि हज कमेटी के 200 हजयात्रियों के कोटे को सामान्य कोटे के साथ शामिल किया जाए। हज के लिए भारत का कोटा करीब दो लाख हजयात्रियों का है।
'तीर्थयात्रियों की महामारी पूर्व संख्या की वापसी बिना उम्र संबंधी किसी प्रतिबंध के'
लाल सागर के बंदरगाह शहर जेद्दा में हज के बारे में सोमवार रात एक सम्मेलन में सऊदी हज और उमराह मंत्री तौफीक बिन फवजान अल-रबिया ने प्रतिबंधों को हटाने की घोषणा की राज्य द्वारा संचालित सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार अल-रबियाह ने कहा, 'मैं इस बैठक में आपके लिए दो अच्छी खबरें लेकर आया हूं। पहला: तीर्थयात्रियों की महामारी पूर्व संख्या की वापसी बिना उम्र संबंधी किसी प्रतिबंध के।' उन्होंने कहा, 'और दूसरा: दुनिया भर के किसी भी हज मिशन को किसी भी लाइसेंस प्राप्त कंपनी से करार की अनुमति देना जो उन देशों के तीर्थयात्रियों की आवश्यकताओं को पूरा करती हो।'
हाल के वर्षों में केवल 18 से 65 वर्ष की आयु के लोग ही हज में शामिल हो सकते थे। सऊदी अरब ने यह भी सीमित कर दिया था कि कौन सी निजी कंपनियां हज के लिए यात्रा की व्यवस्था कर सकती हैं।
