Judge Cash Row: सुप्रीम कोर्ट के 90 के दशक के एक फैसले के कारण बंधे हुए हैं केंद्र सरकार के हाथ, बोले उपराष्ट्रपति धनखड़

इस घटना का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि अब मुद्दा यह है कि अगर नकदी बरामद हुई थी तो शासन व्यवस्था को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए थी और पहली प्रक्रिया यह होनी चाहिए थी कि इससे आपराधिक कृत्य के रूप में निपटा जाता, दोषी लोगों का पता लगाया जाता और उन्हें कठघरे में खड़ा किया जाता।

Delhi High Court Judge Cash Row: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नई दिल्ली में एक जज के आधिकारिक आवास से भारी मात्रा में नकदी मिलने के मामले की आपराधिक जांच शुरू की जाएगी। उन्होंने इस घटना की तुलना शेक्सपीयर के नाटक जूलियस सीजर के एक संदर्भ ‘इडस आफ मार्च’ से की, जिसे आने वाले संकट का प्रतीक माना जाता है। रोमन कलैंडर में इडस का अर्थ होता है, किसी महीने की बीच की तारीख। मार्च, मई, जुलाई और अक्टूबर में इडस 15 तारीख को पड़ता है।

Jagdeep Dhankhar

जज कैश बरामदगी मामले में उप-राष्ट्रपति धनखड़ का बयान

‘आइडस आफ मार्च’ से की तुलना

इस घटना का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि अब मुद्दा यह है कि अगर नकदी बरामद हुई थी तो शासन व्यवस्था को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए थी और पहली प्रक्रिया यह होनी चाहिए थी कि इससे आपराधिक कृत्य के रूप में निपटा जाता, दोषी लोगों का पता लगाया जाता और उन्हें कठघरे में खड़ा किया जाता। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्ट्डीज में छात्रों और संकाय सदस्यों से बातचीत करते हुए उन्होंने उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश के आवास से भारी मात्रा में नकदी मिलने की तुलना ‘आइडस आफ मार्च’ से की।

End of Feed