Vaishno Devi Yatra Registration: जम्मू-कश्मीर में त्रिकुटा पहाड़ियों की चोटी पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के बोर्ड ने नए साल के मौके पर भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए वैष्णो देवी यात्रा के लिए पंजीकरण अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। बोर्ड ने बताया कि पंजीकरण गुरुवार सुबह तक बंद रहेगा और तीर्थ यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि अपनी यात्रा की योजना इसके अनुसार बनाएं। बोर्ड ने कहा कि यह कदम यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रा स्थल पर सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। साथ ही, तीर्थ यात्रियों से निवेदन किया गया है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट्स देखें और भीड़ वाले समय में यात्रा करने से बचें ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
वैष्णो देवी यात्रा रजिस्ट्रेशन कुछ समय के लिए सस्पेंड, जानें क्यों?
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने क्या बताया?
इससे पहले, वैष्णो देवी मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सचिन कुमार वैश्य ने बुधवार को बताया कि तीर्थ यात्रियों के लिए सुविधाओं और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का काम मंदिर बोर्ड लगातार कर रहा है। उन्होंने नव वर्ष के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति पर खुशी जताई और कहा कि आवास, सुरक्षा और सुगम दर्शन जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि तीर्थ यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं के लिए 'साधना कक्ष'
मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने बताया कि मंदिर परिसर में हाल ही में खोले गए 'साधना कक्ष' (ध्यान कक्ष) को श्रद्धालुओं से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने 13 दिसंबर को इस 'साधना कक्ष' को श्रद्धालुओं के लिए खोला था, ताकि वे यात्रा के दौरान प्रार्थना और ध्यान के लिए एक उपयुक्त स्थान का लाभ ले सकें। वर्ष 2025 में इस पवित्र तीर्थस्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 70 लाख से कम रही।
अब तक 69 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष अब तक मंदिर में 69 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 94.84 लाख से अधिक थी। इससे पता चलता है कि सुरक्षा संबंधी घटनाओं और लंबे समय तक खराब मौसम के प्रभाव से धार्मिक पर्यटन पर करीब 27 प्रतिशत की कमी आई है। कटरा में बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने कहा, “हाल के दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि देखी गई है, जो उत्साहवर्धक है। हमें उम्मीद है कि वर्ष 2026 में तीर्थयात्रियों की संख्या और अधिक बढ़ेगी।”
(इनपुट - भाषा)
