Silkyara Tunnel Collapse: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सुरंग में फंसे मजदूरों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मंगलवार को सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों की पहली तस्वीर सामने आई है। अधिकारी इन मजदूरों से वॉकी-टॉकी से संपर्क साधने में भी कामयाब रहे हैं। इसका वीडियो भी सामने आया है-
सुरंग में फंसे मजदूरों की पहली तस्वीर आई सामने
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट कर बताया कि सिल्क्यारा, उत्तरकाशी में निर्माणाधीन टनल में फंसे श्रमिकों की पहली बार तस्वीर प्राप्त हुई है। सभी श्रमिक भाई पूरी तरह सुरक्षित हैं, हम उन्हें शीघ्र सकुशल बाहर निकालने हेतु पूरी ताक़त के साथ प्रयासरत हैं। बता दें, मजदूरों तक फ्लेक्सी कैमरा पहुंचाया गया है, जिसके जरिए उनकी हालत का जायजा लिया जा रहा है।
<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Uttarkashi (Uttarakhand) tunnel collapse: Rescue workers try to establish contact with the trapped workers through walkie-talkie. <br><br>(Video Source: District Information Officer) <a href="https://t.co/eGpmAmwQep">pic.twitter.com/eGpmAmwQep</a></p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1726784750155964527?ref_src=twsrc%5Etfw">November 21, 2023</a></blockquote> <script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8">
आज से शुरू हो सकती है वर्टिकल ड्रिलिंग
पिछले 10 दिनों से सुरंग में फंसे श्रमिकों तक पहुंचने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि श्रमिकों तक पहुंचने के लिए बचाव अधिकारी मंगलवार दोपहर से वर्टिकल ड्रिलिंग शुरू कर सकते हैं। सिल्कयारा छोर से दोपहर 2 बजे वर्टिकल ड्रिलिंग शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, मलबे और सुरंग के शीर्ष के बीच के अंतर का अध्ययन करने के लिए सुरंग स्थल पर दो बार ड्रोन सर्वेक्षण का प्रयास किया गया था।
पाइप के जरिए भेजा जा रहा खाना
श्रमिकों तक खाना व अन्य जरूरी सामाना पहुंचाने के लिए सुरंग में एक पाइप भी डाला गया है। अधिकारियों को ड्रिलिंग कर मलबे के आर-पार 53 मीटर लंबी छह इंच व्यास की पाइपलाइन डालने में कामयाबी मिली है, जिसके जरिए उन तक खाना, मोबाइल फोन चार्जर व अन्य जरूरी चीजें पहुंचाई जा रही हैं। इससे पहले, यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन सुरंग के एक हिस्से के ढहने से फंसे श्रमिकों तक आक्सीजन, हल्की खाद्य सामग्री, मेवे, दवाइयां और पानी पहुंचाने के लिए चार इंच की पाइप का इस्तेमाल किया जा रहा था। दूसरी 'लाइफ लाइन' कही जा रही इस पाइपलाइन के जरिए अब श्रमिकों तक दलिया और खिचड़ी भी भेजी जा सकेगी।
