उत्तराखंड टनल हादसा: उत्तराखंड की सुरंग में फंसे मजदूरों की सुरक्षित निकासी के लिए वर्टिकल ड्रिलिंग जारी है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार अबतक 19 मीटर तक की खुदाई हो चुकी है। अब वर्टिकल ड्रिलिंग सोमवार सुबह फिर से शुरू होगी।
उत्तराखंड सुरंग में फंसे मजदूरों के लिए वर्टिकल ड्रिलिंग है जारी (फोटो- @pri_kandpal)
86 मीटर तक होनी है ड्रिलिंग
बचावकर्मियों ने रविवार को सिल्कयारा-बारकोट सुरंग के ऊपर की पहाड़ी में ड्रिलिंग शुरू की, 14 दिनों से अंदर फंसे 41 श्रमिकों तक पहुंचने के लिए नए दृष्टिकोण को अपनाने के पहले दिन लगभग 20 मीटर की बोरिंग की। बचावकर्मियों को सुरंग तक पहुंचने के लिए 86 मीटर नीचे तक खुदाई करनी पड़ेगी।
4 का लगेगा समय
अधिकारियों ने सुरंग में फंसे श्रमिकों तक पहुंचने के लिए कुल 86 मीटर वर्टिकल ड्रिलिंग की जाएगी और इसमें चार दिन का समय लगेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद ने सिलक्यारा में संवाददाताओं को बताया कि वर्टिकल ड्रिलिंग शुरू कर दी गयी है और अब तक 19.2 मीटर ड्रिलिंग की जा चुकी है।
मैन्युअल ड्रिलिंग का हाल
बचाव कार्यों में सहयोग के लिए उत्तराखंड सरकार की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारी नीरज खैरवाल ने बताया कि मलबे में फंसे ऑगर मशीन के हिस्सों को प्लाज्मा कटर और लेज़र कटर से काट कर निकालने का कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि शाम सात बजे की स्थिति के अनुसार मलबे में ऑगर मशीन का केवल 8.15 मीटर हिस्सा ही निकाला जाना शेष रह गया है।
