अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की निगाह अब सीधे-सीधे ग्रीनलैंड और ईरान पर टिकी दिख रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ये साफ कर दिया है कि ईरान और ग्रीनलैंड को लेकर उनके आक्रमक व्यवहार में कोई कमी नहीं आई है और वो इन दोनों ही देशों पर आक्रमण कर सकते हैं। ट्रंप ने रूस-चीन को खतरा बताते हुए ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने के लिए प्रतिबद्ध दिखे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फोटो- AP)
ईरान पर क्या बोले ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "ईरान बड़ी मुसीबत में है। लोग कुछ शहरों पर कब्जा कर रहे हैं, जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था कि ऐसा हो सकता है... हम हालात पर ध्यान से नजर रख रहे हैं... अगर वे (ईरान की सरकार) लोगों को मारना शुरू करते हैं, जैसा कि उन्होंने पहले किया है, तो हम दखल देंगे। हम उन्हें वहीं मारेंगे जहां उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होगा... ऐसे मामले भी सामने आए हैं जब राष्ट्रपति ओबामा पूरी तरह पीछे हट गए थे... ईरान ने अपने लोगों के साथ बुरा बर्ताव किया और अब उन्हें उसका नतीजा भुगतना पड़ रहा है... हम इस पर करीब से नजर रख रहे हैं..."
ग्रीनलैंड को लेकर मानेगा अमेरिका?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर भी अपनी मंशा जाहिर कर दी। ट्रंप ने कहा, "हम ग्रीनलैंड पर कुछ करने जा रहे हैं, चाहे उन्हें यह पसंद हो या न हो, क्योंकि अगर हम ऐसा नहीं करेंगे, तो रूस या चीन ग्रीनलैंड पर कब्जा कर लेंगे, और हम रूस या चीन को अपना पड़ोसी नहीं बनने देंगे। मैं आसानी से डील करना चाहता हूं, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हम मुश्किल तरीके से करेंगे... जब यह हमारा होगा, तो हम इसकी रक्षा करेंगे... देखिए ओबामा ने ईरान के साथ जो भयानक डील की थी, उसका क्या हुआ, जो एक शॉर्ट-टर्म डील थी... देशों को मालिकाना हक होना चाहिए... हमें ग्रीनलैंड की रक्षा करनी होगी, क्योंकि अगर हम ऐसा नहीं करेंगे, तो चीन या रूस कर लेंगे..."
