OBC reservation in UP Nikay Chunav: बिना OBC आरक्षण के चुनाव कराने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है, इसे निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण मामले (OBC reservation) में यूपी सरकार के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है
यूपी में निकाय चुनाव OBC आरक्षण के बिना ही कराने के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी बुधवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस पर रोक लगाई साथ ही इस पर कोर्ट ने संबंधित पक्षों से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले के एक भाग पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसमें हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि 31 जनवरी से पहले निकाय चुनाव कराए जाएं सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगले आदेश तक इस फैसले पर रोक जारी रहेगी। 2 जनवरी को हुई सुनवाई में मेहता ने SC के सामने सरकार का पक्ष रखा था।
सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस फैसले का स्वागत किया, उन्होंने ट्विटर पर लिखा- 'नगर निकाय चुनाव में हाईकोर्ट के पिछड़ा वर्ग को आरक्षण के बिना चुनाव कराने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है, रोक के आदेश का स्वागत करता हूं! सपा मुखिया अखिलेश यादव जी एंड कंपनी जो स्वयं पिछड़ो के विरोधी हैं उनको करारा जबाब है!'
नगर निकाय चुनाव में हाईकोर्ट के पिछड़ा वर्ग को आरक्षण के बिना चुनाव कराने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है,… t.co/SA6rJV1ew5
— ANI (@ANI) Jan 4, 2023
यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आरक्षण बिना चुनाव कराने के आदेश पर रोक की मांग करते हुए याचिका दायर की थी, सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार ने ओबीसी आयोग का गठन कर दिया है स्थानीय निकाय चुनाव आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही कराया जाना चाहिए।
