शहर-शहर करोड़पति निकल रहे मजदूर और भिखारी, यूपी और मध्य प्रदेश के इन मामलों से हड़कंप, जानें- क्या है सच?

Beggar Become Lakhpati in Indoor: उत्तर प्रदेश के हरदोई में गरीबी की रेखा के नीचे जिंदगी काट रहा एक मजदूर जब कागजों में अचानक 'करोड़पति' बना दिया जाए, तो यह सिर्फ हैरानी नहीं, बल्कि सिस्टम पर बड़ा सवाल है। उधर इंदौर में प्रशासन ने भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के दौरान कुष्ठ रोग से जूझ रहे 50 वर्षीय भिखारी को बचाया है और शुरुआती तौर पर पता चला है कि वह तीन मकानों, एक कार और तीन ऑटो रिक्शा समेत लाखों रुपये की संपत्ति का मालिक है।

Hardoi, Indore News: देश में आज दो ऐसे मामले सामने आए हैं, जो जैसे दिखते हैं, वैसे है नहीं उनमें कुछ ट्विस्ट है। पहले बात यूपी के केस की कर लेते हैं। उत्तर प्रदेश के हरदोई में गरीबी की रेखा के नीचे जिंदगी काट रहा एक मजदूर जब कागजों में अचानक 'करोड़पति' बना दिया जाए, तो यह सिर्फ हैरानी नहीं, बल्कि सिस्टम पर बड़ा सवाल है। हरदोई जिले के माधौगंज थाना क्षेत्र के रुदामऊ गांव से सामने आया मामला कुछ ऐसा ही है। दरअसल रुदामऊ गांव निवासी गोविंद कुमार दिहाड़ी मजदूर है। रोज मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पेट पालने वाला गोविंद उस वक्त बदहवास हो गया, जब उसके नाम आयकर विभाग का नोटिस पहुंचा। नोटिस में उस पर 7 करोड़ 15 लाख 92 हजार 786 रुपये के लेन-देन और संपत्ति का हिसाब मांगा गया है। कागजों में गोविंद करोड़ों की संपत्ति का मालिक बताया गया है, जबकि हकीकत यह है कि उसके पास रहने के लिए एक छोटी सी झोपड़ी और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने तक के पैसे नहीं हैं। नोटिस के बाद परिवार सदमे में है, कई दिनों से घर में चूल्हा तक नहीं जला।

beggar

शहर-शहर करोड़पति निकल रहे मजदूर और भिखारी, क्या है सच? (प्रतीकात्मक फोटो)

गोविंद काम की तलाश में गया था कानपुर

परिजनों के अनुसार, करीब छह साल पहले गोविंद काम की तलाश में कानपुर गया था। वहीं, एक महिला ने उसे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच दिया। इसी बहाने उसे सीतापुर के बिसवां ले जाया गया, जहां बैंक में उसका खाता खुलवाया गया। बदले में उसे केवल दो-तीन हजार रुपये दिए गए और उसकी पासबुक व चेकबुक अपने पास रख ली गई। आशंका है कि जालसाजों ने इसी खाते का इस्तेमाल कर गोविंद के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये का लेन-देन किया और गरीब मजदूर को मोहरा बना दिया।

End of Feed