CJP Protest: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने गुरुवार को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित वाडिया पार्क में छात्रों के समर्थन में मौन आंदोलन किया। बताया जा रहा है कि अन्ना हजारे ने वाडिया पार्क के गांधी मेमोरियल पर सुबह 11 बजे मौन आंदोलन की शुरू किया, जो दोपहर एक बजे तक चला।
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे
अन्ना हजारे ने तबीयत खराब होने के बावजूद होने के बावजूद छात्रों का मनोबल बढ़ाने के लिए मौन आंदोलन किया, लेकिन स्वास्थ्य बिगड़ने की वजह से वे मौके से चले गए और अपने गांव रालेगण सिद्धि के लिए रवाना हो गए। इस दौरान, अन्ना हजारे भावुक भी हो गए। हालांकि, उनके जाने के बाद भी मौन आंदोलन जारी रहा।
सामाजिक कार्यकर्ता के सहयोगी दत्ता आवारी ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''अन्ना हजारे ने दोपहर 11 बजे अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया और दोपहर एक बजे इसे समाप्त किया।'' हजारे ने अहिल्यानगर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद वह इसी जिले में स्थित अपने गांव रालेगण सिद्धि के लिए रवाना हो गए।
अन्ना हजारे ने PM मोदी को लिखा पत्र
अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार को पत्र लिखकर कहा था, ''हिंसा और पुलिस कार्रवाई की खबरें बेहद पीड़ादायक हैं।'' उन्होंने पत्र में कहा था कि प्रदर्शनकारियों के असंतोष को ''कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं, बल्कि समाज की पीड़ा और अपेक्षाओं के रूप में देखा जाना चाहिए।''
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हजारे ने लिखा था कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने को कहा जाता है तो ''इससे सरकार नहीं गिरेगी, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनेगी।'' उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों की बात ''धैर्यपूर्वक सुनने, विश्वास का माहौल बनाने और सकारात्मक संवाद के जरिये समाधान तलाशने'' का अनुरोध किया।
