उन्नाव दुष्कर्म मामला: पीड़िता के पिता की मौत मामले में सेंगर की याचिका पर 17 फरवरी से सुनवाई, दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला

कुलदीप सेंगर ने 2017 में पीड़िता का कथित तौर पर अपहरण किया और उससे दुष्कर्म किया था। उस वक्त वह नाबालिग थी। पीड़िता के पिता की 13 मार्च, 2020 को हिरासत में मौत के मामले में कुलदीप सेंगर और उसके भाई जयदीप सेंगर उर्फ ​​अतुल सिंह को निचली अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और उन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में भाजपा से निष्कासित नेता कुलदीप सेंगर द्वारा सजा के खिलाफ दायर अपील पर 17 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई की जाएगी। दिल्ली हाईकोर्ट की जज न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने फैसला सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का संज्ञान लेते हुए कहा कि अब इस मामले पर समयबद्ध तरीके से सुनवाई होगी।

Kuldeep Singh Sengar

कुलदीप सिंह सेंगर।

बहरहाल, न्यायाधीश ने बुधवार को सुनवाई स्थगित कर दी क्योंकि उन्हें सूचित किया गया था कि पीड़िता की वह याचिका उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ के समक्ष लंबित है जिसमें 10 साल की सजा को बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। खंडपीठ इस पर मार्च में सुनवाई करेगी। सेंगर के वकील ने कहा कि शीर्ष न्यायालय के आदेश को देखते हुए पीड़िता को सजा बढ़ाने की याचिका पर शीघ्र सुनवाई के लिए याचिका दायर करनी चाहिए और अपील पर भी खंडपीठ द्वारा विचार किया जा सकता है।

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