केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, रेलवे और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को ऑपरेशन सिंदूर की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत की पहचान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में सशस्त्र बलों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका का एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन है।
ऑपरेशन सिंदूर
वैष्णव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि 22 अप्रैल को पहलगाम हमले का जवाब न केवल देश की सामरिक क्षमताओं का प्रमाण है, बल्कि केंद्र के निर्णायक नेतृत्व में लागू किए गए नए रक्षा सिद्धांत को भी दर्शाता है। मीडिया से बात करते हुए, वैष्णव ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर भारत की 'अस्मिता' (identity), हमारे सशस्त्र बलों की भूमिका और निर्णायक नेतृत्व का एक बहुत ही महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह उस नए सिद्धांत का भी उदाहरण देता है जो बनाया गया है। यह देश के लिए एक सराहनीय विकास है।'
केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश के जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बारे में प्रेस को संबोधित किया। यह एचसीएल और फॉक्सकॉन के बीच एक संयुक्त उद्यम होगा और इसे जेवर हवाई अड्डे के पास स्थापित किया जाएगा। 2027 में उत्पादन शुरू हो जाएगा। एचसीएल का हार्डवेयर विकास और निर्माण का लंबा इतिहास है, और फॉक्सकॉन इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में एक वैश्विक नेता है।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में प्रधान मंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा
इससे पहले दिन में, वैष्णव ने प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के लिए अपने नवीनतम ब्लॉग में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की और इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत ने 'आतंकवाद-विरोधी'(counter-terrorism) नियम पुस्तिका को फिर से लिखने का फैसला किया है। अश्विनी वैष्णव ने जोर देकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए जीरो टॉलरेंस नीति की 'सबसे स्पष्ट अभिव्यक्ति'है।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उठाए गए कदमों का ज़िक्र
अश्विनी वैष्णव के ब्लॉग में लिखा है, 'पहलगाम में हुआ नरसंहार सिर्फ़ मासूम लोगों की जान पर हमला नहीं था - यह भारत की अंतरात्मा पर हमला था। जवाब में भारत ने आतंकवाद- विरोधी नियम-पुस्तिका को फिर से लिखने का फ़ैसला किया। ऑपरेशन सिंदूर मोदी सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए शून्य-सहिष्णुता, कोई समझौता न करने की नीति, प्रधानमंत्री मोदी के सिद्धांत की सबसे स्पष्ट अभिव्यक्ति है।'केंद्रीय मंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उठाए गए कदमों का ज़िक्र किया।
सिंधु जल संधि को स्थगित करने से लेकर पाकिस्तानी आतंकी शिविरों पर सैन्य हमले करने तक, इन कदमों ने पाकिस्तान और आतंकी समूहों को पहलगाम हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया का अनुमान लगाने से रोक दिया।
ब्लॉग में आगे कहा गया है, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनिश्चित किया कि सिंधु जल संधि को निलंबित करने से लेकर आतंकी शिविरों पर सैन्य हमले करने तक हर कदम सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध और समयबद्ध हो। सरकार ने आवेग के बजाय रणनीति को चुना। इससे पाकिस्तान और आतंकी समूहों को भारत की प्रतिक्रिया का अनुमान लगाने से रोकने में मदद मिली। इसने सुनिश्चित किया कि ऑपरेशन सिंदूर को आश्चर्यजनक, सटीक और पूर्ण प्रभाव के साथ अंजाम दिया गया।'
