केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित जूमागाछ बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) का दौरा कर सीमा सुरक्षा को मजबूत करने वाली स्वदेशी और अत्याधुनिक तकनीकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) की बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं का ई-शिलान्यास किया और जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार देश की सभी सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर गृह मंत्री अमित शाह (फोटो- PIB)
अत्याधुनिक तकनीकों का निरीक्षण
दौरे के दौरान गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा के लिए तैनात कई उन्नत और स्वदेशी तकनीकों का जायजा लिया। जिसमें रेडियो आधारित बाड़ भेदन पहचान प्रणाली भी शामिल है। यह तकनीक सीमा पर लगी बाड़ में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या घुसपैठ की कोशिश होने पर पूर्व-रिकॉर्डेड संदेश प्रसारित कर जवानों को तुरंत सतर्क करती है। इसके अलावा नदी-नालों जैसे दुर्गम इलाकों और खुली सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए लगाए गए इन्फ्रा-रेड अलार्म सिस्टम में इन्फ्रा-रेड किरणों के बीच कोई भी अवरोध आते ही जवानों को अग्रिम चेतावनी मिल जाती है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थानीय नागरिकों और किसानों की सुरक्षित व सुगम आवाजाही के लिए तैयार किए गए गेट मैनेजमेंट सिस्टम सिस्टम का भी अवलोकन किया गया। इसके अलावा, गृह मंत्री ने वॉच टावर का दौरा किया और सीमा चौकी परिसर में पौधारोपण भी किया।
77 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का ई-शिलान्यास
सीमा सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए गृह मंत्री ने दो प्रमुख योजनाओं की आधारशिला रखी।
- BSF की 3 परियोजनाएं: ₹47 करोड़ की लागत से बनने वाली तीन अलग-अलग बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं का ई-शिलान्यास।
- सीमा तारबंदी निर्माण योजना: पश्चिम बंगाल की दो सीमा चौकियों के लिए नव-अधिग्रहित भूमि पर ₹30 करोड़ की लागत से 4 किलोमीटर लंबी तारबंदी (Fencing) का शिलान्यास।
'स्मार्ट बॉर्डर' और चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड की घोषणा
प्रहरी सम्मेलन में BSF के जवानों से संवाद करते हुए अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार सीमाओं को चाक-चौबंद बनाने के लिए 'चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड' (Four-tier Security Grid) का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा, "देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे सुरक्षाबलों के जवानों और उनके परिजनों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्मार्ट बॉर्डर के कॉन्सेप्ट के साथ घुसपैठ रोकने पर काम चल रहा है और इस चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड को सबसे पहले पश्चिम बंगाल में जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े लंबित इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों को बिना किसी देरी के प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
नए कानूनों और सीमा मुद्दों पर चर्चा
सिलीगुड़ी में अपने प्रवास के दौरान गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन और जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से संबंधित प्रक्रियाओं की प्रगति का भी जायजा लिया गया।
इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक सहित कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व सुरक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
