इस बार मौसम का अंदाज बदला-बदला सा नजर आ रहा है और गर्मी के तेवर अभी से दिखने लगे हैं। अभी से तापमान 33 डिग्री तक पहुंच चुका है और फरवरी का मौसम अप्रैल जैसा अहसास दिला रहा है। इससे अनुमान है कि इस बार गर्मी जमकर कहर मचाएगी और लोगों को खूब झुलसाएगी। गर्मी के मौसम में होने वाली बीमारियों के संबंध में आज केंद्र सरकार ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है।
इस बार गर्मी जमकर कहर मचाएगी , केंद्र सरकार ने जारी की एडवाइजरी
स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने लिखा राज्यों को पत्र
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों को गर्मी से संबंधित बीमारियों पर दैनिक निगरानी के संबंध में पत्र लिखा है। इसे 1 मार्च से लागू किया जाएगा। इसमें उन्होंने लिखा है- 1 मार्च, 2023 से सभी राज्यों और जिलों में राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम (NPCCHH) के तहत गर्मी से संबंधित बीमारियों को लेकर दैनिक निगरानी एकीकृत स्वास्थ्य सूचना मंच (IHIP) आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य, जिला और शहर के स्वास्थ्य विभागों को गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य कार्य योजनाओं के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने और एजेंसियों के साथ गर्मी को लेकर रिस्पांस योजना, प्रबंधन और आकलन में मदद करनी होगी। पत्र में कहा गया है कि राज्य के स्वास्थ्य विभागों को चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मचारियों, जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को गर्मी से होने वाली बीमारी, इसकी शीघ्र पहचान और प्रबंधन के प्रति संवेदनशील बनाने और क्षमता निर्माण के प्रयास जारी रखने चाहिए।
पर्याप्त मात्रा में जरूरी दवाएं, तरल पदार्थ, आइस पैक रखें
उन्होंने आगे कहा, पर्याप्त मात्रा में जरूरी दवाएं, तरल पदार्थ, आइस पैक, ओआरएस और सभी आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता के लिए स्वास्थ्य सुविधा की तैयारी की समीक्षा की जानी चाहिए। सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ठंडा रखने वाले उपकरणों का संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। पत्र के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्रों में ठंड बनाए रखने वाले उपकरणों के लिए बिना रुकावट बिजली की व्यवस्था करके, सौर पैनलों की स्थापना (जहां भी संभव हो), ऊर्जा संरक्षण उपायों और ठंडी या हरी छत, खिड़की के माध्यम से इनडोर गर्मी को कम करने के उपाय किए जाने चाहिए।
पानी में आत्मनिर्भरता के लिए वर्षा जल संचयन और रिसाइक्लिंग प्लांट का इंतजाम किया जा सकता है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि मुझे यकीन है कि आपके प्रभावी नेतृत्व के साथ राज्य इस गर्मी में स्वास्थ्य को लेकर तुरंत निगरानी और प्रबंधन करने में सक्षम होगा। पत्र के साथ राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) द्वारा तैयार किए गए क्या करें और क्या न करें के बिंदुओं को शामिल किया गया है।
एनसीडीसी के निर्देश: क्या करें-
- हाइड्रेटेड रहें
- ढंके रहें
- स्थानीय मौसम समाचार के मद्देनजर सतर्क रहें
- जितना हो सके घर के अंदर रहें
क्या न करें:
- धूप में निकलने से बचें, खासकर दोपहर 12:00 बजे से 03:00 बजे के बीच
- दोपहर के समय बाहर अधिक गतिविधियों से बचें
- नंगे पांव बाहर न निकलें
- चरम गर्मी के दौरान खाना पकाने से बचें
इन बातों का करें पालन
खाना पकाने की जगह को पर्याप्त रूप से हवादार रखने के लिए दरवाजे और खिड़कियां खोलें। शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय या बड़ी मात्रा में चीनी वाले पेय से बचें क्योंकि ये शरीर के अधिक तरल पदार्थ को नुकसान पहुंचाते हैं या पेट में ऐंठन का कारण बन सकते हैं। अधिक प्रोटीन वाले भोजन से परहेज करें और बासी भोजन न करें। बच्चों या पालतू जानवरों को खड़ी गाड़ी में न छोड़ें। वाहन के अंदर का तापमान खतरनाक हो सकता है।
