Udupi Video Scandal: उडुपी में एक मेडिकल कॉलेज के एक महिला वाशरूम में एक छात्रा का प्राइवेट बनाने का मामला तूल पकड़ लिया है। साथी छात्रा का अश्लील वीडियो बनाने के आरोप में मेडिकल कॉलेज की तीन छात्राओं को निलंबित कर दिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक निलंबित तीन छात्राओं अलीमातुल शैफा, शबानाज एवं आलिया ने महिला वॉशरूम में कथित रूप से हिडेन कैमरा लगाकर साथी छात्राओं को नहाते अथवा शौचालय का इस्तेमाल करते समय उनकी रिकॉर्डिंग की। इन पर तीनों पर आरोप है कि इन्होंने अपने साथ पढ़ने वाली एक लड़की का नहाते हुए वीडियो बनाया और उसे कम्युनिटी वॉट्सऐप के जरिए अपने दोस्तों को भेजा।
उडुपी के मेडिकल कॉलेज में छात्राओं की बनाई गई है फिल्म। -प्रतीकात्मक तस्वीर
घटना के खिलाफ छात्राओं ने विरोध-प्रदर्शन किया
मामला सामने आने के बाद हिंदू संगठन सामने आए और इसकी तुलना अजमेर सेक्स स्कैंडल की। वहीं कांग्रेस का कहना है कि भाजपा और हिंदू संगठन इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। इसे लेकर मेडिकल कॉलेज में छात्राओं ने अपनी निजता का उल्लंघन बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की।
कॉलेज के डायरेक्टर का क्या है कहना
कॉलेज के डायरेक्टर के मुताबकि आरोपियों को दो वजहों से निलंबित किया गया है, पहला-मोबाइल फोन जो कि कॉलेज में प्रतिबंधित है, वे लेकर आए और दूसरा उन्होंने इसका इस्तेमाल वॉशरूम में वीडियो बनाने में किया।
सोशल मीडिया पर घटना की चर्चा
सोशल मीडिया में उडुपी की इस घटना की खूब चर्चा हो रही है। कुछ लोग इसकी तुलना 1992 के अजमेर सेक्स स्कैंडल से कर रहे हैं। बता दें कि अजमेर में स्कूल जाने वाली सैकड़ों लड़कियों की अश्लील तस्वीरें खींची गई और इन तस्वीरों के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल किया गया। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने इन लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
एक्टिविस्ट ने सवाल उठाए
महिला एक्टिविस्ट रश्मि सामंत ने उडुपी की इस घटना को अजमेर सेक्स स्कैंडल से जोड़ते हुए कई ट्वीट किए। रश्मि का आरोप है कि 'मैं उडुपी से हूं और कोई भी अलीमातुल शैफा, शबानाज और आलिया के बारे में बात नहीं कर रहा है। इन्होंने हिंदू छात्राओं की रिकॉर्डिंग करने के लिए महिला टॉयलेट में कैमरे लगाए। इसके बाद इन्होंने वीडियो एवं तस्वीरें कम्युनिटी वाट्सएप ग्रुप पर भेजीं।' उन्होंने कहा कि यह मामला बहुत संगीन है लेकिन इसकी निंदा एवं भर्त्सना उस तरह से नहीं की जा रही है जैसी कि इसकी होनी चाहिए।
