Uddhav Thackeray supports CJP and Wangchuk: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन किया है। साथ ही उद्धव ने कहा कि सभी दलों को अपने दलगत हितों से अलग रहकर इस आंदोलन के साथ खड़ा होना चाहिए। मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन में उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी इस आंदोलन का समर्थन करना चाहिए। साथ ही उन्होंने वांगचुक से आमरण अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि उनका जीवन बेहद कीमती है।
उद्धव ठाकरे ने किया सोनम वांगचुक का समर्थन
वहीं, अभिषेक दीपके ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा, शिवसेना प्रमुख से फोन पर बात हुई जिन्होंने सोनम सर के तेजी से बिगड़ते स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सोनम सर से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि उनका स्वास्थ्य सर्वोपरि है। उद्धव सर को उनकी सहानुभूति, इस कठिन समय में हमारे साथ खड़े रहने और 20 जुलाई को संसद तक हमारे मार्च को समर्थन देने के लिए धन्यवाद।
कॉकरोच जनता पार्टी का धरना पिछले 24 दिनों से जारी
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी का धरना पिछले 24 दिनों से जारी है। संगठन की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और इस वर्ष मई में हुई नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। प्रश्नपत्र लीक होने के बाद नीट की पुनः परीक्षा पिछले महीने आयोजित की गई थी।
सोनम वांगचुक 28 जून से अनशन पर
कॉजपा का प्रदर्शन 20 जून से शुरू हुआ था, जबकि शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून को आंदोलन में शामिल हुए और तभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अनशन के कारण वांगचुक की तबीयत बिगड़ गई है। रविवार को चिकित्सकों ने बताया कि उनका रक्तचाप कम हो गया है और अनशन शुरू होने के बाद से उनका वजन 7.8 किलोग्राम घट चुका है।
20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने की घोषणा
कॉजपा ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने की घोषणा की है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को बिना किसी राजनीतिक झंडे के कॉजपा के आंदोलन का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को भी इस आंदोलन के समर्थन में आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगने में कुछ भी गलत नहीं है।
‘राम रक्षा’ आंदोलन में हिस्सा लेंगे
उद्धव ठाकरे ने कहा कि 20 जुलाई को जब कॉजपा नयी दिल्ली में संसद तक मार्च निकालेगी, तो उसी दिन शिवसेना (उबाठा) भी महाराष्ट्र में प्रदर्शन कर इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताएगी। उन्होंने कहा कि शिवसेना (उबाठा) के सांसद संसद के मानसून सत्र के दौरान भी इस मुद्दे को उठाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि 18 जुलाई को वह नागपुर जाएंगे, जहां अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के विरोध में शुरू किए गए ‘राम रक्षा’ आंदोलन में हिस्सा लेंगे।
अखिलेश ने की वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील
वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील की है। अखिलेश ने एक्स पर लिखा- श्री सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी की लोकतंत्र के लिए।
जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए वो आमरण अनशन पर हैं वो तो एक सिद्धांतहीन, भ्रष्ट तंत्र है, उसकी असंवेदनशीलता और हृदयहीनता में किसी के भी त्याग का कोई महत्व नहीं है अत: भाजपाइयों से सदाचार और हृदय-परिवर्तन की कोई भी अपेक्षा निरर्थक है। भाजपाइयों के लिए किसी के जीवन का कोई भी मोल नहीं है। उनके लिए धन ही प्रधान है। वो भ्रष्टाचार से कमाए पैसों के घमंड में चूर हैं। उनमें बदलाव की आशा करना ही व्यर्थ है। जिनमें अहंकार होता है उनमें परिष्कार नहीं होता। ‘सत्याग्रह’ का महत्व वो क्या जानें जो ‘सत्ताग्रह’ के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं। उन्हें न युवाओं के भविष्य से कुछ लेना-देना है, न उनके माता-पिता और अन्य परिजनों के सपनों से, वो तो खुदगर्ज लोग हैं।
लोकतंत्र का गला घोंटनेवाली महापापी-अधर्मी भाजपा और उसके भूमिगत अपंजीकृत संगी-साथियों के गिरोह को हराने और सदैव के लिए हटाने के लिए आपके मनोबल और नैतिकता की महाशक्ति हर सच्चे भारतीय की प्रेरणा बनती रहे और आप देशवासियों, युवाओं, लोकतंत्र और पर्यावरण के संघर्ष के लिए नकारात्मक ताक़तों के खिलाफ सदैव प्रकाश स्तंभ बने रहें, यही हम सबकी चाह है और प्रार्थना भी।
