UCC News : 2029 से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। इसे लेकर एनडीए में भी अलग-अलग सुर सुनाई दिए हैं। खासकर, एनडीए शासित राज्य बिहार में UCC लागू करने को लेकर लोजपा (राम विलास) और जनता दल-यूनाइडेट से अलग सुर अपनाया है। इसे लेकर बिहार में राजनीतिक हलचल बढी है। जद-यू के बड़े नेता मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर पहुंचे। नीतीश से मिलने पहुंचने वाले नेताओं में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और मंत्री अशोक चौधरी शामिल हैं। यूसीसी लागू करने पर चर्चा के बीच इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। जदयू ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के पुराने स्टैंड का हवाला देते हुए यूसीसी के खिलाफ बयान दिया है।
यूसीसी पर केंद्रीय गृह मंत्री से मिलेंगे जद-यू नेता संजय झा।
यूसीसी पर जद-यू का अभी आधिकारिक बयान नहीं
बिहार में यूसीसी लागू किए जाने पर जद-यू की तरफ से अभी आधिकारिक बयान नहीं आया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा या राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद का अब तक सीधा बयान नहीं आया है। जद-यू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने सिर्फ इतना कहा है कि इसपर कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात करेंगे। लेकिन, जनता दल यूनाईटेड के विधायक और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने साफ शब्दों में एलान किया कि इसे बिहार में लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए की सरकार है और जदयू के मुखिया नीतीश कुमार ने शुरुआत से ही यूसीसी का विरोध किया है। इसलिए, एनडीए सरकार में जदयू इसे लागू नहीं होने देगा।
मसौदा देखने के बाद चिराग तय करेंगे अपना रुख
तो वहीं बिहार सरकार में शामिल एनीडए के अन्य दलों ने भी यूसीसी पर अपने पत्ते पूरी तरह से नहीं खोले हैं। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) साथ देने के मूड में है तो उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने बिल का मसौदा देखने के बाद फैसले की बात कही है। चिराग पासवान ने भी ड्राफ्ट देखने पर ही बात रखने का एलान किया है।
गृह मंत्री से जल्द मिलेंगे संजय झा
जद-यू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सोमवार को कहा कि वह इस मुद्दे पर जल्द ही शाह से मुलाकात करेंगे और फिर उनकी पार्टी अपना रुख तय करेगी। शाह ने रविवार को कहा था कि भाजपा के नेतृत्व वाले राजग की 21 राज्यों की सरकारें 2029 से पहले समान नागरिक संहिता लागू करेंगी।
झा ने इस विषय पर 'पीटीआई-भाषा’ से कहा कि वह जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात करेंगे और उसके बाद पार्टी यूसीसी के मुद्दे पर अपना रुख तय करेगी। इस बीच, बिहार में सत्तारूढ़ राजग के प्रमुख घटक जदयू के वरिष्ठ नेता और विधायक श्याम रजक ने कहा कि पार्टी ने संसद में यूसीसी से जुड़े विधेयक का समर्थन किया था, लेकिन बिहार में इसे लागू करने के पक्ष में नहीं है।
सैद्धांतिक रूप से यूसीसी के खिलाफ रहा है जद-यू
बिहार में भारतीय जनता पार्टी नीत राजग सरकार में जद (यू) दूसरा सबसे बड़ा घटक है। वैसे, जद(यू) अब तक सैद्धांतिक रूप से यूसीसी के खिलाफ रही है। पार्टी के सर्वोच्च नेता नीतीश कुमार ने बिहार का मुख्यमंत्री रहते हुए जनवरी, 2017 में विधि आयोग को पत्र लिख कर कहा था कि विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच आम सहमति के अभाव और स्पष्ट रूपरेखा न होने के कारण समान नागरिक संहिता को जल्दबाजी में लागू नहीं किया जाना चाहिए। शाह ने रविवार को मुंबई में संवाददाताओं से कहा था, 'तीन तलाक को समाप्त करके मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिए गए हैं। हमने कई राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की है और मुझे विश्वास है कि भाजपा-राजग शासित 21 राज्यों में 2029 से पहले यूसीसी लागू कर दिया जाएगा।’ अगला लोकसभा चुनाव 2029 में होना है।
