18 करोड़ मुसलमान निशाने पर...UCC लागू करना संविधान-धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ; ओवैसी ने केंद्र पर साधा निशाना

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि धर्म की स्वतंत्रता खत्म करके UCC लागू नहीं किया जा सकता। ओवैसी ने आरोप लगाया कि UCC समानता के बजाय देश के मुसलमानों को निशाना बनाने की कोशिश है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 14 और 29 का हवाला देते हुए कहा कि भारत की विविधता और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा जरूरी है।

Uniform Civil Code : समान नागरिक संहिता कानून को लेकर मचे सियासी बवाल के बीच मंगलवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भोपाल पहुंचे। वे यहां UCC के विरोध में आयोजित जनसभा में प्रस्तावित कानून को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा। ओवैसी ने दावा किया कि UCC संविधान के कई प्रावधानों के विपरीत है। कहा कि यूसीसी संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 14 और 29 में दिए गए अधिकारों को प्रभावित करेगा। धार्मिक स्वतंत्रता को खत्म करके इस तरह का कानून लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी समानता के उद्देश्य से UCC लागू करने की कोशिश नहीं कर रही है, बल्कि इसका निशाना देश के 18 करोड़ मुसलमान हैं।

Asaduddin Owaisi

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी

दरअसल, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि 2029 से पहले एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू हो जाएगी, जिसके बाद सभी विपक्षी दलों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है।

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