Manoj Sinha on Action Mode: जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की कमर तोड़ने के लिए एक और बड़ा एक्शन लिया गया है। आतंकी से ताल्लुक रखने वाले दो सरकारी कर्मचारियों का सच सामने आ गया है। जिसके बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकी संबंधों के चलते दो सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। इस एक्शन से जुड़ी विस्तृत जानकारी और आरोप पत्र भी साझा किया गया है।
मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल, जम्मू-कश्मीर।
दो सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकाला
एलजी मनोज सिन्हा ने आतंकी समर्थकों और ओजीडब्ल्यू के खिलाफ कार्रवाई करने का संकल्प लिया। आतंकी संबंधों वाले दो सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने राज्य की सुरक्षा के हित में दो सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।
अबी रहमान नाइका और जहीर अब्बास के खिलाफ एक्शन
जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, लेफ्टिनेंट गवर्नर ने कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों द्वारा की गई गहन जांच में उनके आतंकी संबंधों के स्पष्ट रूप से सामने आने के बाद अबी रहमान नाइका और जहीर अब्बास को नौकरी से निकालने के लिए भारतीय संविधान की धारा 311 (2) (सी) का इस्तेमाल किया।
आतंकवादियों को पनाह देने वालों पर क्या बोले एडीजीपी?
जम्मू जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) आनंद जैन ने चेतावनी दी है कि राष्ट्र विरोधी इरादे रखने वाले या आतंकवादियों का समर्थन करने वाले लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। जैन ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगने पर उसकी सूचना देकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करें। जैन ने कहा, 'राष्ट्र विरोधी इरादे रखने वालों या आतंकवादियों को किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।'
उन्होंने कहा कि नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगने पर उसकी सूचना देकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करना चाहिए। जैन ने आतंकवादियों के पारिस्थितिकी तंत्र और नेटवर्क पर नकेल कस कर क्षेत्र की शांति को बरकरार रखने के जम्मू-कश्मीर पुलिस के संकल्प को व्यक्त किया और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों की संपत्तियों को कुर्क करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 29 फरार आतंकवादियों की संपत्तियों की पहचान की गई है। एडीजीपी ने कहा, 'उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया जारी है और यह जल्द ही पूरी हो जाएगी जिससे आतंकवादियों पर शिकंजा और कस जाएगा।' उन्होंने कहा कि यह कड़ी कार्रवाई क्षेत्र की शांति की रक्षा करने और राष्ट्र की संप्रभुता एवं अखंडता को बनाए रखने के जम्मू-कश्मीर पुलिस के अटूट संकल्प को दर्शाती है।
