Pivate Sector Specialists In Government: सरकारी कामकाज और बेहतर एवं प्रभावशाली बनाने के लिए महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर सरकार प्राइवेट सेक्टर के लोगों की नियुक्तियां करने जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने अलग-अलग सरकारी विभागों में तैनाती के लिए तीन संयुक्त सचिवों और 11 निदेशकों/उप सचिवों की नियुक्ति को मंजूरी दी है।
प्राइवेट सेक्टर से 25 विशेषज्ञ नियुक्त करने जा रही सरकार
अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को रखा जाता रहा है
बता दें कि आमतौर पर, संयुक्त सचिव, निदेशक और उप सचिव के पद अखिल भारतीय सेवाओं- भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) तथा अन्य सेवाओं में अधिकारियों ग्रुप ‘ए’ के अधिकारियों को रखा जाता है।
वर्ष 2018 में शुरू हुई ‘लैटरल एंट्री’ योजना
हालांकि, वर्ष 2018 में शुरू हुई ‘लैटरल एंट्री’ योजना के तहत सरकार के विभागों में प्राइवेट सेक्टर के लोगों को नियुक्तियां होने लगीं। इस योजना के तहत सरकार में संयुक्त सचिव, निदेशक और उप सचिव के स्तर पर भर्तियां की जाती हैं। इन स्तरों पर अधिकारी नीति-निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जो अधिकारी इस प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से आते हैं, वे सरकारी प्रणाली का अभिन्न अंग बन जाते हैं।
पहली बार जून 2018 में हुईं भर्तियां
कार्मिक मंत्रालय ने जून 2018 में पहली बार इस प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से 10 संयुक्त सचिव-रैंक पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इन पदों के लिए भर्ती संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा निकाली गई थी। आयोग ने अक्टूबर 2021 में विभिन्न मंत्रालयों में नियुक्तियों के लिए संयुक्त सचिव पद के लिए तीन, निदेशक पद के लिए 19, उप सचिव के लिए 9 नाम भेजे थे।
