Tamilnadu Crisis: तमिलनाडु में अभिनेता-नेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार बना पाएगी या नहीं इस पर सस्पेंस बना हुआ है। विजय अपनी कोशिशों के बावजूद सरकार बनाने के लिए जरूरी विधायकों का समर्थन जुटा नहीं पाए हैं। चुनाव बाद दलों को अपने साथ जोड़ने की उनकी मुहिम सफल नहीं हुई है। मीडिया में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इससे टीवीके पार्टी में निराशा बढ़ रही है। सूत्रों का यह भी कहना है कि विजय के प्रयासों के सफल नहीं होने से सरकार गठन में एक तरह का गतिरोध बन गया है। वहीं, रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि डीएमके और एआईएडीएमके यदि सरकार बनाने की पहल करते हैं तो टीवीसी के सभी 108 विधायक सामूहिक इस्तीफा दे देंगे।
तमिलनाडु में सरकार गठन पर गतिरोध बन गया है।
DMK-AIADMK के बीच बैक चैनल बातचीत!
दरअसल, कई रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि टीवीके को सत्ता से दूर रखने के लिए डीएमके ने अपनी प्रतिद्वंद्वी पार्टी AIADMK के साथ बैकचैनल बातचीत शुरू की है। चार मई को आए नतीजों में डीएमके को 59 सीटों और एआईएडीएमके को 47 सीटों पर जीत मिली। सूत्रों का कहना है कि टीवीके के नेतृत्व को लगता है डीएमके और एआईएडीएमके दोनों विजय को सत्ता से दूर रखना चाहते हैं। इसके लिए दोनों में एक तरह की सहमति बनी है। यह तब है जब विधानसभा चुनाव में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। तमिलनाडु में विधानसभा की 234 सीटें हैं।
तमिलनाडु में बहुमत का आंकड़ा- 118
- TVK - 108 सीट
- DMK - 59 सीट
- AIADMK - 47 सीट
- कांग्रेस - 5 सीट
- PMK- 4
- BJP - 1
- OTH-10
वाम दलों से मुलाकात कर समर्थन मांगा
इससे पहले टीवीके नेता सीटीआर निर्मल कुमार ने बृहस्पतिवार को चेन्नई में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के प्रदेश सचिव एम वीरपांडियन और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिव पी शनमुगम से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु में सरकार गठन में दोनों दलों का समर्थन मांगा और सत्ता में हिस्सेदारी पर जोर दिया। टीवीके के संयुक्त महासचिव कुमार ने चेन्नई में दोनों वाम दलों के कार्यालयों का दौरा किया और उन्हें पार्टी की ओर से समर्थन के अनुरोध वाले पत्र सौंपे। अभिनेता-नेता विजय के नेतृत्व वाली टीवीके तमिलनाडु की 238 सदस्यीय विधानसभा के लिए हाल में संपन्न चुनावों में 108 सीट पर जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि, उसके पास अकेले दम पर सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या बल (118 सदस्यों का समर्थन) नहीं है।
'शासन और सत्ता, दोनों में हिस्सेदारी होनी चाहिए'
वीरपांडियन और शनमुगम से मुलाकात में कुमार ने इस बात को रेखांकित किया कि टीवीके संस्थापक विजय पहले ही कह चुके हैं कि शासन और सत्ता, दोनों में हिस्सेदारी होनी चाहिए, "तभी सहयोगी पार्टियां अपनी-अपनी विचारधाराओं एवं नीतियों को लागू कर सकती हैं।" कुमार ने कहा, "टीवीके फिलहाल किसी दबाव में नहीं है।" उन्होंने कहा कि पार्टी ने वाम दलों, वीसीके (विदुथलाई चिरुथिगल काची) और आईयूएमएल (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) को पहले ही ईमेल के जरिये समर्थन का अनुरोध भेज दिया है और उसने विजय की ओर से लिखा औपचारिक पत्र भी उन्हें सौंप दिया है। कुमार ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि टीवीके तमिलनाडु में सरकार बनाएगी।
वीरपांडियन से की मुलाकात
उन्होंने वीरपांडियन से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, "पार्टियों ने हमारे अनुरोध का जवाब देने के लिए समय मांगा है।" यह पूछे जाने पर कि क्या टीवीके ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से भी संपर्क किया है, कुमार ने कहा, "हमने उनसे संपर्क नहीं किया है और न ही हमारा ऐसा करने का इरादा है।" तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए टीवीके को 10 और सदस्यों के समर्थन की जरूरत है। पांच सीट जीतने वाली कांग्रेस पहले ही टीवीके के समर्थन की घोषणा कर चुकी है। कुमार ने कहा कि कानून के अनुसार, राज्यपाल को सरकार बनाने के लिए सबसे बड़ी पार्टी को आमंत्रित करना चाहिए।
'हम जवाब का इंतजार करेंगे'
उन्होंने कहा, "जनादेश टीवीके के पक्ष में है और उन्हें (राज्यपाल) निश्चित रूप से हमें आमंत्रित करना चाहिए। हमने सरकार बनाने का दावा पहले ही पेश कर दिया है और हम जवाब का इंतजार करेंगे।" कुमार ने कहा कि राज्य की जनता ने टीवीके को जनादेश दिया है, इसलिए विजय को मुख्यमंत्री बनना चाहिए।
(एजेंसी इनपुट)
