माफिया अतीक अहमद के खिलाफ पहली बार सजा का ऐलान हुआ है। उमेश पाल किडनैपिंग केस में अतीक अहमद को अदालत ने आजीवन कारावास का ऐलान कर दिया। अतीक अहमद का आपराधिक इतिहास करीब 43 साल पुराना है। 100 से ज्यादा आपराधिक मामले उस पर दर्ज हैं। गवाहों को डराकर, धमकाकर और अपने रसूख का इस्तेमाल कर अतीक अब तक अपने केसों को टालता आ रहा था, लेकिन योगी सरकार में जैसे ही उस पर शिकंजा कसा, अदालतों में पैरवी जोरदार तरीके से हुई, माफिया घुटनों के बल आने लगा।
सालों तक जिस प्रयागराज में अतीक की तूती बोला करती थी, उसी प्रयागराज में उसका पहला हिसाब पूरा हुआ। अतीक को आज जरूर उम्रकैद की सजा हुई लेकिन अभी भी उमेशपाल के परिवार और दूसरे लोग उसके लिए फांसी की मांग कर रहे हैं। अदालत में अतीक के सामने उसके खिलाफ वकीलों ने नारे लगाए और फांसी की मांग की।
जिस प्रयागराज में अतीक का राज चलता था, उसी प्रयागराज में उसके खिलाफ फांसी दो के नारे लगे। अदालत के फैसले के बाद उमेश पाल के परिजनों ने सुकून तो जताया लेकिन मांग कर दी कि अब जल्द उमेश पाल के मर्डर केस का भी फैसला आ जाए और अतीक को फांसी हो।
यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने अतीक को सजा के ऐलान के बाद फैसले का स्वागत किया और दो टूक कह दिया कि माफियाओं का सफाई अभियान जारी रहेगा। फैसले के बाद यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार भी मीडिया के सामने आए और पुलिस के एंटी माफिया ऑपरेशन के बारे में बात की।
आज के सवाल
अतीक को उम्रकैद, क्या जल्द ही फांसी की सजा होगी?
क्या अतीक की पत्नी और बेटों का भी हिसाब भी होने वाला है?
योगी आदित्यनाथ ने जो कह दिया, वो आज साबित हो गया?
क्या माफिया को दुर्दिन दिखने लगे ?
