तुर्किये की यात्रा, टेलिग्राम चैट्स, जैश हैंडलर...कैसे आतंकी नेटवर्क से जुड़ गए डॉक्टर्स?

जांचकर्ताओं को संदेह है कि समूह के हैंडलर विदेश यात्रा के दौरान कुछ सदस्यों से मिले थे। तुर्किये यात्रा को एक महत्वपूर्ण बिंदु के रूप में देखा जा रहा है जब आतंकी मॉड्यूल ने आकार लेना शुरू किया। सूत्रों ने खुलासा किया कि तुर्की से लौटने के बाद ही समूह ने भारत भर में अपनी गतिविधियां बढ़ाईं।

Delhi Blast: दिल्ली के लाल किले में हुए कार विस्फोट की जांच कर रहे जांचकर्ताओं ने संदिग्ध डॉक्टरों के मॉड्यूल और नेटवर्क का सुराग दो टेलीग्राम समूहों से लगाया। इन डॉक्टरों के बारे में कहा जा रहा है कि इन्होंने आतंकी साजिश रचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बीते सोमवार को लाल किले के मेट्रो स्टेशन गेट नंबर एक के पास आई-20 कार में हुए विस्फोट में 10 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक घायल हो गए। बताया यह भी जा रहा है कि इन डॉक्टरों के ब्रेन वाश में फरजंदन-ए-दारुल उलूम (देवबंद) और एक अन्य समूह की भूमिका है जिसे पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के संचालक उमर बिन खत्ताब द्वारा चलाया जा रहा है।

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लाल किले के समीप 10 नवंबर को हुआ विस्फोट। तस्वीर-PTI

सूत्रों के अनुसार, जांच के केंद्र में मौजूद डॉ. उमर नबी और शोपियां के इमाम इरफान अहमद वागा ने इनमें से एक समूह के माध्यम से अपनी बातचीत शुरू की। जबकि शुरुआती बातचीत 'कश्मीर की आज़ादी' और 'कश्मीरियों के दमन' पर केंद्रित थी, बाद में वे वैश्विक जिहाद और प्रतिशोध के व्यापक विषयों पर स्थानांतरित हो गए।

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