Manik Saha: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिंदा दफनाने के लिए जमीन पर गड्ढे खोदे थे। राज्य में इस साल फरवरी में विधानसभा चुनाव हुए थे। माणिक साहा ने खोवाई जिले में बाजार कॉलोनी में एक कार्यक्रम में कहा कि वामपंथियों की साजिश नाकाम हो गई क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ने पांच साल के अंतराल के बाद फिर से चुनाव जीता।
माणिक साहा
माणिक साहा का सनसनीखेज दावा
मुख्यमंत्री ने कहा, हमारे पास खुफिया जानकारी थी कि भाजपा नेताओं की चुनिंदा हत्या के लिए कई कब्र खोदी गई थीं और उन्हें जिंदा दफनाने की योजना बनाई गई थी। लेकिन, लोगों ने इसे नाकाम कर दिया क्योंकि भाजपा ने चुनावी लड़ाई जीत ली। माकपा ने भाजपा के इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि गैर-भाजपा दलों के बीच मतों के विभाजन के कारण भाजपा ने चुनाव जीता।
साहा ने कहा कि सीपीआई (एम) ने पूर्वोत्तर राज्य में आतंकवादी रणनीति को बढ़ावा देकर अक्षम्य अपराध किया है। साथ ही साहा ने कहा कि उन्हें कांग्रेस पर दया आ रही है क्योंकि उसने विधानसभा चुनाव से पहले वाम दल के साथ हाथ मिलाया। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट शासन के दौरान कांग्रेस को काफी नुकसान उठाना पड़ा।
सीपीआई (एम) ने किया आरोपों से इनकार
मुख्यमंत्री के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सीपीआई (एम) के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी ने कहा कि पार्टी हिंसा या आतंकवादी रणनीति में विश्वास नहीं करती है। बीजेपी को 2023 के विधानसभा चुनावों में लोकप्रिय जनादेश नहीं मिला क्योंकि उसे 40 प्रतिशत से कम वोट मिले थे। वोटों के विभाजन का फायदा उठाकर उन्होंने सरकार बनाई। वे चिंतित हैं और इसीलिए वे इस तरह के निराधार आरोप लाए हैं।
