ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में अंदरखाने कुछ तो पक रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी के अंदर कुछ ठीक नहीं है, यही कारण है कि आज की मीटिंग के बाज जहां अचानक से ममता बनर्जी ने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी का कद बढ़ा दिया तो वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने लोकसभा में पार्टी के चीफ व्हिप के पद से इस्तीफा दे दिया।
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ (फाइल फोटो- PTI)
ममता की मीटिंग के बाद कल्याण बनर्जी का इस्तीफा
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी ने सोमवार को कहा कि उन्होंने लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया है। बनर्जी का इस्तीफा पार्टी सहयोगी महुआ मोइत्रा और उनके बीच कथित तकरार के मध्य आया है। कल्याण बनर्जी ने अपने इस्तीफे की घोषणा पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की अध्यक्षता में तृणमूल सांसदों की डिजिटल तरीके से आयोजित एक बैठक में भाग लेने के बाद की। बनर्जी ने एक समाचार चैनल से कहा, ‘‘मैंने लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक का पद छोड़ दिया है, क्योंकि 'दीदी' (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी) ने डिजिटल बैठक के दौरान कहा था कि पार्टी सांसदों के बीच समन्वय की कमी है। इसलिए दोष मुझ पर है। इसलिए, मैंने पद छोड़ने का फैसला किया है।’’
सुदीप बंदोपाध्याय की जगह अभिषेक बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को सोमवार को लोकसभा में अपना नेता नामित किया। यह जानकारी पार्टी सूत्रों ने दी। सूत्रों ने बताया कि डायमंड हार्बर से तीन बार के सांसद बनर्जी वरिष्ठ नेता सुदीप बंदोपाध्याय का स्थान लेंगे जो कोलकाता उत्तर से सांसद हैं। उन्होंने बताया कि बंदोपाध्याय को उनके खराब स्वास्थ्य के कारण इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है।
ममता बनर्जी ने की थी आज मीटिंग
सूत्रों ने बताया कि यह फैसला तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की अध्यक्षता में पार्टी सांसदों की डिजिटल तरीके से आयोजित एक बैठक में लिया गया। सूत्रों ने बताया कि बैठक में लोकसभा और राज्यसभा, दोनों के पार्टी सदस्य मौजूद थे। अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं। तृणमूल कांग्रेस के पास लोकसभा में 29 सीट हैं और यह विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन का एक प्रमुख घटक दल है।
