Tomorrow Election Result Timing: कल (4 मई 2026) को पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आएगा। मतगणना के नतीजे न सिर्फ सत्तारूढ़ क्षेत्रीय दलों—तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक)—के लिए अहम होंगे, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और वाम दलों के लिए भी यह परीक्षा की घड़ी साबित होंगे। पश्चिम बंगाल में 293 विधानसभा सीटों के लिए 77 केंद्रों पर वोटों की गिनती होगी, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। गिनती से पहले ही राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है, क्योंकि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी भाजपा—दोनों ने वोटों में गड़बड़ी की आशंका जताई है।
कल कब आएगा चुनाव का रिजल्ट (AI Photo)
कल कब शुरू होगी काउंटिंग?
मतगणना प्रक्रिया सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों के साथ शुरू होगी, जिसके लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था वाले मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने मतगणना केंद्रों में अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए पहली बार ईसीआईएनईटी के माध्यम से क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली शुरू की है।
बंगाल में एक सीट का नहीं आएगा परिणाम
दक्षिण 24 परगना जिले के एक निर्वाचन क्षेत्र - फाल्टा - में "गंभीर चुनावी अनियमितताओं" के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया और वहां 21 मई को नये सिरे से चुनाव होगा।
असम में चुनावी लड़ाई
असम में चुनावी लड़ाई सोमवार को मतों की गिनती के साथ अपने अंतिम चरण में प्रवेश करेगी, जिससे यह तय होगा कि भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को तीसरा कार्यकाल मिलेगा या हफ्तों से जारी खींचतान के बाद कांग्रेस सत्ता छीनने में सफल रहेगी।असम विधानसभा चुनाव में पहचान की राजनीति, कल्याणकारी योजनाओं का वितरण और क्षेत्रीय आकांक्षाएं हावी रहीं।राज्य की 126 विधानसभा सीट पर 722 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला होगा, जिसके लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी 35 जिलों के 40 मतगणना केंद्रों पर ईवीएम खोली जाएंगी। उम्मीदवारों में 59 महिलाएं हैं। नगांव जिले में मतगणना तीन अलग-अलग केंद्रों पर होगी, जबकि कोकराझार, तिनसुकिया और जोरहाट में दो-दो केंद्रों पर मतगणना होगी। मतगणना केंद्रों और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) वाले ’स्ट्रॉन्ग रूम’ की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं। अधिकारी ईवीएम को ’स्ट्रॉन्ग रूम’ से मतगणना केंद्रों तक ले जाने के लिए 800 और पुलिसकर्मियों को तैनात करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने कहा था कि सीएपीएफ की दो अतिरिक्त कंपनियां स्थायी ड्यूटी पर तैनात रहेंगी। उन्होंने बताया कि राज्य सशस्त्र पुलिस की 93 कंपनियां पहले ही जिलों में तैनात की जा चुकी हैं। मतगणना के दिन किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए 85 ’असॉल्ट ग्रुप्स’ की सहायता भी मांगी गई है।
केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में कैसी है तैयारियां?
तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने बताया कि राज्य भर में 62 निर्धारित मतगणना केंद्रों पर 4 मई को होने वाली मतगणना के लिए एक व्यापक त्रिस्तरीय सुरक्षा योजना सहित सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। पुडुचेरी में केंद्र शासित प्रदेश में छह मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं। केरल में 43 स्थानों पर 140 मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्य के लिए 15,464 कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 140 रिटर्निंग ऑफिसर, 1,340 अतिरिक्त रिटर्निंग ऑफिसर, 4,208 सूक्ष्म पर्यवेक्षक, 4,208 मतगणना पर्यवेक्षक और 5,563 मतगणना सहायक शामिल हैं। मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस कर्मियों के साथ केंद्रीय बलों की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं।
