हार से हाहाकार...TMC का खत्म नहीं हो रहा संकट, सुष्मिता देव के बाद राज्यसभा में रह गए कितने सांसद?

टीएमसी में शामिल होने से पहले सुष्मिता कांग्रेस में थीं। वह असम के सिलचर से कांग्रेस की सांसद रह चुकी हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद वह साल 2021 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुईं। टीएमसी में शामिल होने के बाद ममता के करीब आईं और देखते ही देखते पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता बन गईं।

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार के बाद ममता बनर्जी अब तक के सबसे बड़े सियासी संकट का सामना कर रही हैं। टीएमसी विधायकों के बिखराव से शुरू हुआ संकट सांसदों तक पहुंच गया है। एक-एक कर सांसद बागी गुट में शामिल हो रहे हैं। टीएमसी टूटने के कगार पर पहुंच चुकी है। ममता बनर्जी को झटके पर झटके लग रहे हैं। बुधवार को सुष्मिता देव (Sushmita Dev) ने राज्यसभा (Rajya Sabha) से इस्तीफा दे दिया। सुष्मिता बागी गुट का नेतृत्व करने वाली काकोली घोष (Kakoli Ghosh) के साथ हो गई हैं। चर्चा यह भी है कि सांसद सायोनी घोष (Sayoni Ghosh) भी बागी गुट के संपर्क में हैं और वह भी ममता से बगावत कर सकती हैं।

sushmita dev

सुष्मिता देव ने टीएमसी की राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया।

End of Feed