Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में सभी लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के फैसले के बाद ममता बनर्जी ने इस बात का खुलाया किया है कि टीएमसी और कांग्रेस के बीच शीट शेयरिंग पर बातचीत कहां विफल हुई। बुधवार को ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी ने कांग्रेस को पश्चिम बंगाल में दो लोकसभा सीटें ऑफर की थीं। हालांकि, कांग्रेस इस पर राजी नहीं हुई और अधिक सीटों की मांग की।
राहुल गांधी-ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी ने कांग्रेस की इस मांग को खारिज कर दिया। ममता ने बताया कि कांग्रेस को मालदा में दो सीटों की पेशकश की गई थी, क्योंकि पश्चिम बंगाल विधानसभा में कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है। उन्होंने कहा कि बंगाल में टीएमसी के अलावा कोई भी पार्टी राजनीतिक रूप से भाजपा से लड़ने में सक्षम नहीं है।
भाजपा को मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने माकपा के साथ मिलाया हाथ
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने माकपा के साथ हाथ मिलाया है। उन्होंने कहा, मैं सीपीएम को कभी माफ नहीं करूंगी। जो लोग अब सीपीएम के साथ हैं, वे बीजेपी के साथ हैं। ममता ने आगे कहा कि लेकिन, मैंने कांग्रेस से कहा कि जब तक वे सीपीएम नहीं छोड़ेंगे, मैं एक भी सीट नहीं दूंगी। कांग्रेस से हमने कहा था कि मालदा की दो सीटें जीतने के लिए टीएमसी उनकी मदद करेगी, लेकिन उन्होंने हमारी मांग खारिज कर दी।
केंद्र ने एक फरवरी बकाया नहीं दिया तो दूंगी धरना
इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र के बकाया को लेकर आज धरना देने की चेतावनी दी। ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि अगर केंद्र ने एक फरवरी तक प. बंगाल का बकाया नहीं दिया, तो धरने पर बैठूंगी। उन्होंने कहा, मैंने सारा बकाया चुकाने के लिए एक फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो मैं दो फरवरी से धरने पर बैठूंगी। अगर बकाया नहीं चुकाया गया तो मुझे पता है कि इसे आंदोलन के जरिये कैसे हासिल किया जा सकता है।
