West Bengal Assembly: तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शनिवार को शोभनदेब चट्टोपाध्याय (Sobhandeb Chattopadhyay) को पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया है, जबकि असीमा पात्रा (Asima Patra) और नैना बंद्योपाध्याय (Nayna Bandyopadhyay) को उपनेता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तृणमूल ने शोभनदेब चट्टोपाध्याय को बनाया विपक्ष का नेता (फोटो साभार: @SobhandebChatt1)
TMC ने चीफ व्हिप भी किया नियुक्त
टीएमसी ने फिरहाद हकीम (Firhad Hakim) को चीफ व्हिप यानी मुख्य सचेतक नियुक्त किया है। हकीम कोलकाता नगर निगम के मेयर भी हैं। पार्टी ने कहा कि नवनियुक्त नेता बंगाल के लोगों के हितों के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे।
ममता बनर्जी ने बदला अपना बॉयो
इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' और फेसबुक पर अपना बॉयो (Bio) बदला। उन्होंने शनिवार को अपना बॉयो बदलकर खुद को 'अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक अध्यक्ष। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री (15वीं, 16वीं और 17वीं विधानसभा)' बताया।
ममता बनर्जी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने परिचय में बदलाव उस दिन किया गया, जब भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। भाजपा ने पश्चिम बंगाल की 18वीं विधानसभा के चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को करारी शिकस्त दी है।
बनर्जी 2011 में वाम दलों के 34 साल के शासन को समाप्त कर सत्ता में आई थीं और गत तीन विधानसभा में टीएमसी नीत सरकार का नेतृत्व कर रही थीं। टीएमसी की चुनावी हार के बावजूद ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया और दावा किया कि लगभग 100 सीटों पर गड़बड़ी और हेरफेर कर उन्हें हराया गया है।
TMC ने लगाए गंभीर आरोप
टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं ने काउंटिंग और मतदान के दौरान केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और अनियमितताओं के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग और भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में सरकार बनाई। वहीं, टीएमसी को 80 सीटों पर जीत हासिल की।
