Deputy Speaker Election: लोकसभा स्पीकर का चुनाव हो जाने के बाद अब सभी की नजरें डिप्टी स्पीकर पद पर लगी हैं। इस पद के लिए एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों के बीच रस्साकशी जारी है। इंडिया गठबंधन चाहता है कि विपक्ष इस बार मजबूत है इसलिए यह पद उसे मिलना चाहिए लेकिन सत्ता पक्ष यानी एनडीए इसके लिए तैयार नहीं दिख रहा। इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डिप्टी स्पीकर के लिए जो नाम सुझाया है, उस पर विपक्षी खेमा एकजुट नजर आ रहा है।
फैजाबाद-अयोध्या सीट से विजयी हुए हैं अवधेश प्रसाद।
फैजाबाद-अयोध्या सीट जीतकर संसद पहुंचे हैं अवधेश
ममता ने डिप्टी स्पीकर पद के लिए फैजाबाद से सांसद अवधेश प्रसाद का नाम सुझाया है। ममता के इस दांव से सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव खुश बताए जा रहे हैं। बता दें कि 78 वर्षीय अवधेश प्रसाद फैजाबाद-अयोध्या सीट जीतकर संसद में पहुंचे हैं। वह दलित समुदाय से आते हैं। यह सीट जीतने के बाद अवधेश विपक्ष में खासा लोकप्रिय हो गए हैं। उन्हें अक्सर अखिलेश यादव के साथ देखा जा रहा है।
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राजनाथ से बातचीत में ममता ने सुझाया नाम-सूत्र
रिपोर्टों के मुताबिक डिप्टी स्पीकर पद के लिए एनडीए गठबंधन की ओर से भी प्रयास हो रहे हैं। रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सिलसिले में ममता बनर्जी से बात की। इस बातचीत में ममता ने डिप्टी स्पीकर पद के लिए अवधेश प्रसाद का नाम सुझाया। बताया जा रहा है कि ममता के इस नाम का विपक्ष के कई दलों ने स्वागत किया है।
सपा का मानना है-इससे दलित समुदाय में अच्छा संकेत जाएगा
ऐसा लगता है कि अवधेश प्रसाद को डिप्टी स्पीकर बनाने के लिए कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और सपा के बीच सहमति बन चुकी है। विपक्ष की ये तीन सबसे बड़ी पार्टियां हैं। ऐसे में इंडिया ब्लॉक के अन्य दल भी इनके साथ खड़े हो सकते हैं। चुनाव के समय अवधेश प्रसाद का नाम उम्मीदवार के रूप में सामने आ सकता है। दरअसल, सपा नेता भी मानते हैं कि अवधेश प्रसाद का नाम डिप्टी स्पीकर पद के लिए आगे किए जाने से दलित समुदाय में अच्छा संदेश जाएगा। सपा को अब यादव-मुस्लिम से आगे बढ़कर सोचने का समय आ गया है। 79 वर्षीय अवधेश मुलायम सिंह के करीबी रहे हैं। सपा में उनका काफी सम्मान है। अयोध्या जैसी सीट भाजपा को पटकनी देने के बाद पार्टी में उनका कद पहले से ज्यादा बढ़ गया है।
ममता के दांव से कांग्रेस भी भौचक
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस चाहती थी कि डिप्टी स्पीकर पद के लिए के सुरेश को मौका दिया जाए लेकिन ममता के इस दांव के आगे वह बेबस नजर आ रही है। ममता का मानना है कि कांग्रेस को डिप्टी स्पीकर के चुनाव में सहयोगी दल को मौका देना चाहिए। इससे सहयोगी दलों में कांग्रेस की तरफ से अच्छा संदेश जाएगा।
