Times Now Summit 2025: टाइम्स नाउ समिट 2025 में गृह मंत्री अमित शाह ने वक्फ बिल को लेकर विस्तार से सरकार का नजरिया सामने रखा। अमित शाह ने कहा कि वक्फ बिल से किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। 2013 में कांग्रेस ने संसद के अंतिम सत्र में कोई लंबी बहस के बिना वक्फ बिल को पारित कर दिया। कांग्रेस ने बिल पारित करके अपनी तुष्टिकरण नीति को आगे बढ़ाने के लिए, वोट बैंक बनाने के लिए ढेर सारे ऐसे प्रावधान कर दिए जो हमारे संविधान से ही मेल नहीं खाते। हम वक्फ बिल को संविधान से संरेखित करने का काम कर रहे हैं। कोई भी कानून संविधान की आत्मा से ऊपर नहीं हो सकता।
वक्फ के फैसले को कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकते
शाह ने कहा, कोई फैसला वक्फ बोर्ड करता है, उसे देश की अदालत में चुनौती नहीं दे सकते, ऐसा भारत जैसे देश में कैसे चल सकता है, कभी नहीं हो सकता। और हुआ है, मैं आपको बताता हूं। दिल्ली की 123 प्राइम लोकेशन की प्रॉपर्टी को वक्फ घोषित कर दिया और कानून बनाया कि इसे चैलेंज नहीं कर सकते। प्रयागराज में चंद्रशेखर आजाद पार्क, जहां चंद्रशेखर आजाद जी ने अंतिम सांस ली, उसे वक्फ की प्रॉपर्टी घोषित कर दिया।
संसद और राष्ट्रपति भवन पर भी दावा, ऐसे कैसे चलेगा
गृह मंत्री ने कहा, कोई मौलाना साहब कहते हैं कि संसद और राष्ट्रपति भवन वक्फ संपत्ति है। ये कैसे चलेगा। हमने इतना ही बदलाव किया है कि कोई भी निर्णय होगा उसे कानून की अदालत में चुनौती दे सकते हैं। वो तो सरकार के निर्णय को भी दे सकते हैं। तो क्या सरकार रोएगी कि हमारा अधिकार ले लिया। सरकार के कानून भी चैलेंज होते हैं, जब संसद में चर्चा होगी तो दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। ये देश के मुस्लिमों को गुमराह करना चाहते हैं।
वोट बैंक बनाने के लिए झूठ पर झूठ बोला गया
मैं कहना चाहता हूं कि आपके अधिकार को लेने की कोई बात नहीं है। ये कहते हैं कि हमारी मस्जिदें छीन लेंगे। कैसे छीनी जाएगी। बिल आगे के समय के लिए है। आप जो 2013 में बिल लेकर आए थे वो रिट्रोस्पेक्टिव इफेक्ट था। मगर वोट बैंक बनाने के लिए झूठ पर झूठ बोलते जाना, इतने साल में इतने चुनाव हारे फिर भी सीखते नहीं हैं। हम क्या कर सकते हैं बताइए।
