टाइम्स नाउ समिट 2025 (Times Now Summit 2025) कार्यक्रम के दूसरे दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लेकर उठे विवाद का जवाब देते हुए एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार पर लोगों का 'ध्यान भटकाने' के लिए राज्य चुनावों से पहले इस मामले को उठाने का आरोप लगाया। टाइम्स नाउ ग्रुप की एडिटर-इन-चीफ नविका कुमार के साथ बातचीत में गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि एनईपी पहली शिक्षा नीति है, जिसमें प्राथमिक शिक्षा राज्य की मातृभाषा में दी जाएगी और कहा कि भाजपा डीएमके सरकार के दावों का मुकाबला करने के लिए तमिलनाडु के लोगों के बीच जाएगी।
टाइम्स नाउ समिट 2025 में अमित शाह
उन्होंने दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में कहा कि उन्होंने (तमिलनाडु सरकार ने) इसे (एनईपी) अपनाया था और अब इसे अस्वीकार कर दिया है। ये दस्तावेज संसद में भी पेश किए गए थे। तमिलनाडु में चुनाव नजदीक हैं और उन्हें पता है कि लोग भ्रष्टाचार से नाराज हैं और जिस तरह से उनके बेटे को आगे बढ़ाया जा रहा है, तो उन्होंने ध्यान भटकाने के लिए यह सब किया है। तमिलनाडु के लोग सच्चाई जानते हैं।
उन्होंने कहा कि यह पहली शिक्षा नीति है जहां प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में दी जा रही है। तमिलनाडु में जब एनईपी लागू होगी तो शिक्षा तमिल में होगी, जिसमें तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा शामिल है। मैं उनसे इन पुस्तकों का तमिल में अनुवाद करने के लिए कहता हूं, लेकिन वे नहीं सुनते। यहां तक कि सीयूईटी परीक्षा भी अब 13 भाषाओं में है
गृह मंत्री ने कहा कि इंजीनियरिंग की शिक्षा अब हर भाषा में है। चाहे वह तेलुगु, मलयालम, मराठी, गुजराती आदि हो। अब तक तमिलनाडु के रेलवे स्टेशनों पर तमिल में घोषणाएं नहीं होती थीं, लेकिन अब यह शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा में हमने 13 भाषाओं में 1,500 स्नातक पुस्तकों का अनुवाद किया है। दीक्षा मंच पर हमने क्षेत्रीय भाषाओं में 3 लाख से अधिक ई-पाठ्यक्रम जारी किए हैं। हमारे खिलाफ यह आरोप क्या है? हम तमिलनाडु के लोगों के बीच जाएंगे और उन्हें यह सच्चाई बताएंगे।
