Air India Chairman N Chandrasekaran Exclusive Interview: अहमदाबाद विमान हादसे पर पहली बार एयर इंडिया चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने विस्तार से बात की है। टाइम्स ग्रुप की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार से एक्सक्लूसिव बातचीत में चंद्रशेखरन ने हर मुद्दे पर बात करते हुए इस हादसे पर दुख जताया। उन्होंने बताया कि किस हादसे की खबर मिलने के साथ ही उन्होंने क्या कदम उठाए थे। बातचीत के दौरान नाविका कुमार ने पूछा, आपने एक बयान में कहा था कि इस हादसे की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। मैं आपसे जानना चाहती हूं कि उस जांच में अब तक आप कहां तक पहुंचे हैं? क्योंकि टाटा समूह की अपनी एक आंतरिक जांच भी होगी, तो अब तक आपने क्या पता लगाया है?
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत
पूरा देश इस घटना से प्रभावित हुआ
इस सवाल पर एन. चंद्रशेखरन ने कहा, देखिए, यह एक बहुत बड़े स्तर का संकट है, एक भीषण त्रासदी है। इसने सभी को प्रभावित किया है। हां, परिवारों पर तो असर पड़ा ही है। लेकिन अगर देखा जाए तो पूरा देश इस घटना से प्रभावित हुआ है। बहुत डर है, बहुत गुस्सा है और मैं इसे समझ सकता हूं। मैंने व्यक्तिगत रूप से बहुत यात्रा की है। अपने जीवन में मैं लगभग 20 वर्षों तक हर साल 200 दिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा करता था।
मैं खुद भी जानना चाहता हूं कि आखिर क्या हुआ
मैंने फ्लाइट डायवर्जन, फ्लाइट कैंसिलेशन और तमाम तरह की परेशानियों का सामना किया है। और जब भी कोई छोटी सी बात भी होती है, तो उसका असर पड़ता है। इसलिए मैं समझ सकता हूं कि इस बार लोगों में डर का स्तर कितना बढ़ गया होगा। हर कोई जानना चाहता है कि आखिर हुआ क्या। और मैं आपको बता सकता हूं, मैं खुद भी यही जानना चाहता हूं। उन्होंने कहा, जब तक हमें ये पता नहीं चलेगा कि वास्तव में क्या हुआ, तब तक हम इसे ठीक नहीं कर सकते और तब तक इसकी पुनरावृत्ति को भी नहीं रोक सकते।
दोनों इंजनों की हिस्ट्री साफ
इसलिए जब तक जांच पूरी नहीं होती, अगर हम जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालेंगे तो हम अफवाहों में फंस सकते हैं। मानवीय त्रुटि को लेकर अटकलें हैं, एयरलाइंस को लेकर, इंजनों को लेकर, मेंटेनेंस को लेकर, सभी तरह की अटकलें चल रही हैं। बहुत सारी थ्योरीज हैं। लेकिन जो तथ्य अब तक मेरे सामने आए हैं, वो ये हैं कि विमान का रिकॉर्ड बिल्कुल साफ है। उसकी हिस्ट्री पूरी तरह साफ है। दोनों इंजनों की भी हिस्ट्री साफ है। दाहिने इंजन को मार्च 2025 में ही बदला गया था। बायां इंजन की 2023 में सर्विस हुई थी और अगली मेंटेनेंस दिसंबर 2025 में होनी थी।
दोनों पायलट थे अनुभवी और कुशल
चंद्रशेखरन ने कहा, टीम के साथ जांच करने पर हमें इंजन को लेकर कोई दिक्कत नहीं मिली। जहां तक पायलट्स की बात है, दोनों बहुत ही अनुभवी और कुशल थे। कैप्टन सभरवाल के पास 11,500 घंटे से अधिक का फ्लाइंग एक्सपीरियंस था और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव के पास 3,400 घंटे से अधिक का अनुभव था।
हमारे सहयोगियों के मुताबिक वे बेहतरीन पायलट और प्रोफेशनल थे। इसलिए हम कोई निष्कर्ष नहीं निकाल सकते। बहुत सारी थ्योरीज चल रही हैं- यूट्यूब पर, मीडिया चैनलों पर, और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर। कई तथाकथित विशेषज्ञ भी बोल रहे हैं। लेकिन मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, ब्लैक बॉक्स और रिकॉर्डिंग डिवाइस पूरी सच्चाई बताएंगे। तो हमें बस उसका इंतजार करना होगा। उससे पहले, किसी भी नतीजे पर पहुंचना बेहद गलत होगा।
