NEET UG परीक्षा में सामने आए पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली पर उठे गंभीर सवालों के बीच Times Network ने अपने हिंदी और लैंग्वेज के डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर 15 मई 2026 से एक खास नेशनल डिजिटल कैंपेन 'CLEAN करो NEET' शुरू किया है। Times Now नवभारत, Times Now मराठी, Times Now बांग्ला, Times Now तमिल, Times Now तेलुगू, Times Now कन्नड़ और Times Now मलयालम पर शुरू किए गए इस कैंपेन का उद्देश्य लाखों छात्रों और अभिभावकों की आवाज को मजबूती से उठाना, सिस्टम की खामियों को उजागर करना, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना और दोषियों को कानून के दायरे तक पहुंचाने की मांग को बुलंद करना है।
Times Network ने हिंदी और लैंग्वेंज डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शुरू किया कैंपेन
यह कैंपेन केवल पेपर लीक की खबरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन छात्रों की मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों को भी सामने लाएगा, जो वर्षों की मेहनत और सपनों के साथ इस परीक्षा की तैयारी करते हैं। अब जबकि 21 जून को NEET री-एग्जाम की घोषणा हो चुकी है, लाखों छात्र दोबारा तैयारी के दबाव, मानसिक तनाव, अनिश्चितता और सिस्टम पर भरोसे के संकट से गुजर रहे हैं। कैंपेन के तहत इन छात्रों की वास्तविक कहानियां, संघर्ष और अनुभव देश के सामने लाए जाएंगे।
इस अभियान में छात्रों और अभिभावकों के साथ-साथ शिक्षा विशेषज्ञों, साइकोलॉजिस्ट, करियर काउंसलर, पूर्व परीक्षा अधिकारियों और मेडिकल शिक्षा से जुड़े जानकारों की राय और सुझाव भी शामिल किए जाएंगे। एक्सपर्ट्स के जरिए यह समझाने की कोशिश होगी कि री-एग्जाम की तैयारी कैसे की जाए, तनाव को कैसे नियंत्रित किया जाए और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए क्या सुधार जरूरी हैं।
इसके अलावा Instagram Reels, YouTube Shorts, वीडियो एक्सप्लेनर, डिबेट, पोल्स, सोशल मीडिया इंटरैक्शन और ग्राउंड रिपोर्ट्स के जरिए छात्रों और अभिभावकों को सीधे अपनी बात रखने का मंच दिया जाएगा।
कोटा, सीकर, पटना, दिल्ली, प्रयागराज, लखनऊ, जयपुर और रांची जैसे प्रमुख शिक्षा केंद्रों से ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से यह दिखाया जाएगा कि री-एग्जाम और पेपर लीक विवाद का असर छात्रों की जिंदगी पर किस तरह पड़ रहा है।
कैंपेन के तहत एक विशेष 'NEET Re-Exam हेल्प डेस्क' भी चलाया जाएगा, जिसमें छात्रों को परीक्षा तिथि, एडमिट कार्ड अपडेट, एग्जाम गाइडलाइंस, तैयारी की नई रणनीति, तनाव कम करने के उपाय, FAQ और जरूरी हेल्पलाइन नंबर जैसी उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
Times Network का मानना है कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर केवल खबर दिखाना ही नहीं, बल्कि उनकी आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना भी मीडिया की जिम्मेदारी है। यह अभियान इसी सोच के साथ शुरू किया गया है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में फिर कभी छात्रों को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
