उत्तर प्रदेश पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान आतंकी साजिश को बेनकाब करते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार तीनों पाकिस्तान से आए एक वीडियो को वायरल कर सांप्रदायिक तनाव को भड़काने को कोशिश कर रहे हैं। तीनों ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस के अनुसार वे कुछ ऐसा करना चाहते थे जिससे धर्म के नाम पर मॉब लिंचिंग हो। इसके चलते लोन वुल्फ अटैक भी हो सकता था।
आतंकी साजिश के आरोप में तीन संदिग्ध गिरफ्तार (फोटो- ANI)
पाकिस्तान से कनेक्शन
मिली जानकारी के अनुसार मुजफ्फरनगर पुलिस ने तीन लोगों, नदीम, मनशेर और रहीस को कई व्हाट्सएप ग्रुपों पर कथित तौर पर पाकिस्तान से आए एक वीडियो वायरल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस वीडियो में मंसूरपुर और आसपास के गांवों में बजरंग दल कार्यकर्ताओं द्वारा मुसलमानों की हत्या का झूठा दावा किया गया था। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों ने कबूल किया है कि वे 2025 की कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक तनाव भड़काना चाहते थे। पुलिस का कहना है कि वे पाकिस्तान स्थित आईएसआई संचालकों द्वारा घुसपैठ के पहलू की भी जांच कर रहे हैं।
दूसरे राज्यों में भी छापेमारी
सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह कहा- "मुजफ्फरनगर जिले में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान पता चला कि कुछ व्हाट्सएप ग्रुपों पर बच्चों की हत्या का एक वीडियो वायरल हो रहा है। ऑडियो संदेश वायरल किया जा रहा था कि मंसूरपुर और आसपास के गांवों में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मुसलमानों की हत्या की है। त्वरित कार्रवाई करते हुए, तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में पता चला कि वे सांप्रदायिक दंगे फैलाना चाहते थे। आज सावन के दूसरे सोमवार को कांवड़ यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसलिए, वे कुछ ऐसा करना चाहते थे जिससे धर्म के नाम पर मॉब लिंचिंग हो। इसके चलते लोन वुल्फ अटैक भी हो सकता था। चार व्हाट्सएप ग्रुप हैं जिनके सैकड़ों सदस्य हैं और उन्होंने यह वीडियो देखा है। यह वीडियो पाकिस्तान का है। इसलिए, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि ये वीडियो सीमा पार से भेजे गए हों और अलग-अलग मॉड्यूल के जरिए इन्हें आगे प्रसारित किया गया हो। हमारी टीमें दूसरे राज्यों में भी छापेमारी कर रही हैं ताकि इस मॉड्यूल/गिरोह से जुड़े सभी लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके और अन्य लिंक्स का पर्दाफाश किया जा सके... हमें लगता है पाकिस्तान स्थित आईएसआई संचालकों के माध्यम से घुसपैठ के पहलू की जांच करना उचित है...।"
