Army Chiefs Monitored Operation Sindoor: पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने किस तरह पराक्रम दिखाया और इस दौरान कमांड सेंटर में क्या-क्या हो रहा था, इसके बारे में भारतीय सेना ने विस्तार से बताया है। सेना ने सोमवार को अपने अधिकारियों और कर्मियों के लिए एक विशेष बुकलेट जारी की जिसमें ऑपरेशन सिंदूर की विस्तार से जानकारी दी गई है। बुकलेट में तीनों सेना प्रमुखों- सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की 'कमांड सेंटर' में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों पर 7 मई को किए गए हमलों की बारीकी से निगरानी करते हुए शानदार तस्वीरें दिखाई गई हैं।
रियल टाइम ऑपरेशन सिंदूर देख रहे थे तीनों सेना प्रमुख
रियल टाइम ऑपरेशन की निगरानी
जारी की गई तस्वीरों में सैन्य नेतृत्व को रियल टाइम ऑपरेशन की सक्रिय रूप से निगरानी करते हुए दिखाया गया है। एक तस्वीर में जनरल द्विवेदी और एक वरिष्ठ सेना अधिकारी रात 1.05 बजे स्क्रीन को ध्यान से देखते हुए दिखाई दे रहे हैं, ठीक उसी समय जब ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ था। अधिकारी लाइव ड्रोन फुटेज, सैटेलाइट इमेजरी और ऑपरेशन के अपडेट का विश्लेषण करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
भारतीय लड़ाकू विमानों ने किए सटीक हमले
योजनाबद्ध हमलों में भारतीय लड़ाकू विमानों ने सटीक निर्देशित बमों, SCALP क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से लैस होकर नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया था। ऑपरेशन सिंदूर भारत की ओर से अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले का बदला लेने के लिए किया गया था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे, जिनमें से ज़्यादातर पर्यटक थे।
आतंकी संगठनों की टूटी कमर
भारत के इस हमले में प्रतिबंधित आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM), हिजबुल मुजाहिदीन और पाकिस्तान के कई स्थानों पर मौजूद सहयोगी आतंकी संगठनों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली महत्वपूर्ण रसद, परिचालन और प्रशिक्षण सुविधाओं को निशाना बनाया गया और उन्हें नष्ट कर दिया गया। इनमें बहावलपुर, मुरीदके, सियालकोट, चकमरू, कोटली, भींबर, गुलपुर के साथ-साथ पीओके के भीतर मुजफ्फराबाद में दो जगहें शामिल थीं।
भारत के सटीक हमलों से दहला पाकिस्तान
भारत के सटीक हमलों के बाद पाकिस्तान ने पुंछ, राजौरी और जम्मू-कश्मीर के अन्य हिस्सों पर तोपखाने से गोलीबारी की। अगले तीन दिनों में भारतीय सैन्य ठिकानों और शहरों को निशाना बनाकर कई ड्रोन और मिसाइल हमलों के साथ यह सिलसिला जारी रहा। तब भारतीय सशस्त्र बलों ने निर्णायक रूप से जवाब देते हुए पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें राफीकी, मुरीद, चकलाला, रहीम यार खान, सुक्कुर, चुनियन, पसरूर और सियालकोट में रडार प्रतिष्ठान, कमांड और नियंत्रण केंद्र और गोला-बारूद डिपो शामिल थे। तीन दिनों के संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ। पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) द्वारा अपने भारतीय समकक्ष को किए गए फोन के बाद सीजफायर पर सहमति बनी।
