संजय सिंह ने देश में पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘बचत उत्सव’ पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री किसी उत्सव की घोषणा करते हैं, जनता बड़े-बड़े ऐलानों से बहकावे में आ जाती है। संजय सिंह ने तंज भरे अंदाज में सवाल किया कि ये ‘बचत उत्सव’ है या ‘चपत उत्सव’? उन्होंने पुराने वादों को याद करते हुए नोटबंदी, जीएसटी और महंगाई जैसे मुद्दों को उठाया।
आप नेता संजय सिंह (फोटो- AAP)
पीएम मोदी पर निशाना
जीएसटी और नोटबंदी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि न काला धन रुका, न आतंकवाद पर रोक लगी। उन्होंने जीएसटी टैक्स दर में बदलाव और उसके असर पर भी सवाल उठाए —“पहले मोदी जी ने 5% को 28% कर दिया उस वक्त भी जनता से जश्न मनवाया ”।
टैक्स वसूली और आम आदमी पर बोझ
संजय सिंह ने दावा किया कि बीते 8 वर्षों में आम जनता पर भारी टैक्स बोझ डाला गया। उनके अनुसार, 127 लाख करोड़ रुपए GST के नाम पर वसूला गया, जिसमें देश की 50% आम जनता से 64% टैक्स वसूली हुई। मिडिल क्लास और उपर मिडिल क्लास से 33% और सबसे अमीर 10% लोगों से मात्र 3% टैक्स लिया गया। इनमें बाद संजय सिंह ने बीजेपी को ‘भारतीय जेबकतरा पार्टी’ कहकर तंज कसा।
‘स्वदेशी’ बनाम ‘विदेशी’ का सवाल
संजय सिंह का आरोप था कि प्रधानमंत्री भले ही स्वदेशी को बढ़ावा देने की बात करें, पर खुद विदेशी ब्रांड के सामान–चश्मा, पेन , गाड़ी, फोन आदि–का इस्तेमाल करते हैं। संजय सिंह के मुताबिक पिछले दो सालों में भारत में दूसरे देशों से आयात बढ़ा है ऐसे में स्वदेशी कैसे होगा? चीन, यूएसए, यूके,जापान, जर्मनी इन देशों के अलावा कई देशों से आयात बढ़ा है। गलवान की घटना के बाद भी हम चीन से समान खरीदते रहे। भारत का चीनी समान आयात पिछले दो सालों में 13.92% बढ़ा है। चीन उसी पैसे से भारत के खिलाफ पाकिस्तान की मदद करता है ।
