पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बड़ा बयान सामने आया है। उनका कहना है कि प्रशासन मेरे हाथ में नहीं है, कानून-व्यवस्था अब चुनाव आयोग के नियंत्रण में है और वे अमित शाह की सुनते हैं। डीजी से लेकर एसपी तक सभी को बदल दिया गया है। मेरी शक्तियां चुनाव आयोग को सौंप दी गई हैं, यह एक तरह से सुपर राष्ट्रपति शासन जैसा है।
ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
उन्होंने आगे कहा कि मालदा की घटना किसने की, मुझे नहीं पता। मुख्य सचिव ने अब तक मुझसे बात नहीं की है। मुझे कोई जानकारी नहीं दी जा रही। एक पत्रकार ने बताया कि घेराव हुआ है।
'यह बीजेपी की योजना है कि चुनाव रद्द कर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए'
उन्होंने नाम हटा दिए हैं, करीब 1 करोड़ नाम हटाए गए हैं, इसलिए हम सुप्रीम कोर्ट गए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता। हम आपकी कानूनी मदद करेंगे, लेकिन हमें शांतिपूर्ण तरीके से लड़ना होगा। बीजेपी ने कुछ गद्दारों को भड़काने के लिए पैसे दिए हैं। आप उकसावे में न आएं। यह बीजेपी की योजना है कि चुनाव रद्द कर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए।
'अगर आप मुझ पर भरोसा करते हैं तो उकसावे में न आएं'
अगर आप मुझ पर भरोसा करते हैं तो उकसावे में न आएं। बीजेपी ने वोट बांटने के लिए हैदराबाद से लोगों को भेजा है। चुनाव आयोग कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहा है। ऐसा चुनाव आयोग पहले कभी नहीं देखा।
I-PAC से जुड़े कई ठिकानों पर नए सिरे से छापे
वहीं एक अन्य घटनाक्रम में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल कोयला तस्करी मामले के सिलसिले में राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म 'इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी' (I-PAC) से जुड़े कई ठिकानों पर नए सिरे से छापे मारे।इस कथित घोटाले की एजेंसी की चल रही जांच के तहत हैदराबाद, बेंगलुरु और दिल्ली में छापे मारे। अधिकारियों ने बताया कि I-PAC से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली जा रही थी। इस कार्रवाई के दौरान I-PAC के निदेशकों में से एक ऋषि राज सिंह के बेंगलुरु स्थित ठिकाने पर भी ED ने तलाशी ली।
